बोन मैरो

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “माँ मैं नर्वस फील कर रही हूँ, इतने बड़े स्टेज पर बैठ कर गीत गाना मुझसे नहीं होगा। मैं अपना नाम वापस लेती हूँ।”सरिता जी ने बेटी के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा,- “लाड़ो, जीवन में ऐसे अवसर बार- बार नहीं मिलते हैं। तुम्हें अपनी- प्रतिभा सबके समक्ष प्रदर्शित … Read more

उष्ण समीर

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* चलता उष्ण समीर, नौतपा खूब तपाता।सूर्य दिखाता ताव, बदन को आग लगाता॥बारिश ही अब आस, धरा की प्यास बुझाए।खाली ताल-तडाग, सभी फिर से भर जाए॥ ढूंढें राही छाँव, जान जिससे बच जाए।मिले तनिक आराम, शीघ्र मंजिल को पाए॥लू से युक्त समीर, उष्णता सही न जाती।तन से निकले स्वेद, ग्रीष्म ऋतु … Read more

खुली खिड़की

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** जब खिड़की खोलकर देखती हूँ,बाहर का नजाराचिड़ियों की चहक,दोस्तों का दिखनाठंडी हवा,फूलों की खुशबूकर देती मन को ताजा,सूरज की किरणेंघर में उजास भर देती,जब सुबह खिड़की खोलती। अब मेरी आदत खिड़की खोलने की,चिड़ियों ने चहचहाहट कर रोज़ डाल दीअब महसूस हुआ,प्रकृति कितनी सुंदर है।ऐसा लगता-तितलियाँ, भौंरे और पंछीमानो मेरा अभिवादन कर रहे हों॥ … Read more

सदाचार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सदाचार के पथ पर चलना, कभी न फिर तुम आँखें मलना।जीवन में अच्छाई वरना, हर दुर्गुण को नित ही हरना॥ कभी काम खोटा नहिं करना, नेह-नीर होकर तुम झरना।हरदम ही बनना उजियारा, करना दूर सकल अँधियारा॥ नैतिकता के होकर रहना, मानवता का पथ ही वरना।सबकी सेवा में जुट जाना, जीवन अपना … Read more

हिसाब-किताब कर लो

जी.एल. जैनजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* स्वयं का स्वयं से अनुबंध कर लो,विखरे हुए संबंध को अटूट कर लोअथाह कचरा है आत्मा के कोने में,आत्मा को स्वच्छ व निर्मल कर लो। भटके हो पर अब विश्वास कर लो,साँसों का हिसाब-किताब कर लोमोल नहीं होता अच्छे कर्मों का,अच्छे-बुरे कर्मों का तोल कर लो। रास्ते में मिले हो तो रास्ता … Read more

अज्ञात रास्ता

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** अज्ञात रास्ता, अनजान डगर,जीवन की होती फिर सहर। अज्ञात रास्तों पर मिलता ज्ञान,भटक-भटक कर राहें आसान। अज्ञात रस्ते होते कठिन लेकिन,लक्ष्य सादे तो मंजिल होती सरल। अज्ञात रास्ते बनते सबल जब,मानव करता मेहनत सफल। अधूरे ज्ञान और अधूरी बातें,अधूरे सपने, अज्ञात रास्ते। संघर्ष जीवन का नित्य नियति,कर्म विधि-विधान का नियम॥

खूबसूरत एहसास

मंजू अशोक राजाभोजभंडारा (महाराष्ट्र)******************************************* लगता है किसी न किसी की दुआओं का असर है,जो मेरी ज़िंदगी में खुशियों का बसर हैतभी तो गमों की हवाओं का जोर बेअसर है,यूँ दुआओं संग बढ़ रहा यह खूबसूरत-सा सफ़र है। न कमाई है दौलत हीरे-जवाहरात-सी,बहुत बुलंद है फिर भी तकदीर मेरीढेरों अपनेपन के संग गुजर रही जो ये … Read more

योग सिद्धि ध्यानी प्रबल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गौतम ऋषि सप्तर्षि में, सर्वोत्तम मतिमान।योग सिद्धि ध्यानी प्रबल, चतुर्वेद विज्ञान॥ ऋषि अगस्त्य साधक महा, सप्तर्षि अति ज्येष्ठ।क्षमा शील करुणा दया, वेद ज्ञान में श्रेष्ठ॥ गणपति लम्बोदर नमन, ध्यान करूँ विघ्नेश।गौरीनन्दन दो सुमति, मूषिकराज गणेश॥ सुर नर मुनि गण नित चरण, पूजित मूषिकराज।सिद्धिविनायक मौरया, पंचदेव निशिताज॥ रक्ताम्बर काया मृदुल, … Read more

मन में बसा कर

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मैं बढ़ रहा,आगे लक्ष्य पर निशानासाधते हुए मैं बढ़ रहा,गुरु की मूरत मन बसा कर। मैं इतना बड़ा नहीं,मैं दीन-हीन कैसे शिक्षा ग्रहण करूँ ?पर कोशिश तो करना पड़ती है,इसलिए गुरु की मूरत मन में बसा कर मैं बढ़ रहा। मन की एकाग्रता को लिए,मुझे गुरु कभी-न-कभी जरूर मिलेंगेतभी तो … Read more

जैसा कर्म करोगे, वैसा ईश्वर करें निवेश

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** जन्मे मथुरा, पले गोकुल में श्रीनाथ,वृंदावन में रास रचे, गोवर्धनपति नाथयमुना विषमुक्त की कुचल कालिया नाग,राधा जी के प्रेम में, मिला बरसाने तक साथ। यशोमती मैया, बलराम संग हाथों में थे हाथ,दैत्य-दानव, राक्षसों से करते थे दो-दो हाथमहाभारत वो रच गए, देकर अर्जुन का साथ,कौरव सेना ने माँगा नारायणी सेना … Read more