गर्मी की छुट्टियाँ खुशियाँ अपार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गर्मी की छुट्टी पड़ी, खुशियाँ बाल अपार।बंद शैक्षणिक संस्था, गर्मी मास प्रहार॥ तपिश ग्रीष्म जलती धरा, बहती तप्त बयार।कठिन हुआ गमनागमन, जला रहा लू धार॥ विद्यालय आना कठिन, हुआ असंभव छात्र।हुई छुट्टियाँ ग्रीष्म की, बचते लू से गात्र॥ देशाटन की चाहतें, चढ़ीं बाल परिवार।खिली मौज़ सन्तान का, भ्रमण देश … Read more

तुम देश हित की बात करो

ऋचा गिरिदिल्ली*************************** तुम देश हित की बात करो, तुम देश गीत की बात करो,दुश्मन को जिससे बल मिले, ना धर्म करो, न जात करो,ना ही ऐसी कोई बात करो। चलो मिलकर उन्हें दिखाते हैं, हम मिलकर उन्हें जताते हैं,हम एक थे और एक ही हैं, कुछ इस तरह आघात करोकुछ इस तरह प्रतिघात करो। बात … Read more

पुष्प का अदम्य साहस

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** एक दिन मैंने पुष्प को छुआ,पुष्प मुस्करा कर बोला-क्यों आए हो ?मैंने कहा, -बस तुम्हें निहारने,बस निहारने ही आए हो!मैंने अनमने मन से पूछा-मैं तुम्हारी खुशबू, संपर्क,पुष्प फिर मुस्कुरा कर बोला-अच्छा, देख लो जी-भर करके, संपर्क, परमुझे तोड़ना नहीं। मैंने फिर कहा-मैं तुम्हारी सुंदरता को निहारती…कितने सुन्दर हो ! और … Read more

अकल्पित देशभक्ति

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* छत्रपति शिवाजी का पुत्र होना गर्व की बात थी,‘छावा’, ‘शेर का पुत्र’ की उपर्युक्त उपाधि प्राप्त थीमराठा साम्राज्य की उर्वरक भूमि में जन्मे योद्धा,द्वितीय छत्रपति संभाजी की देशभक्ति अकल्पित थी। सच, क्या गज़ब का वो फौलादी ज़माना था,जब समय ने वीर संभाजी का गाया तराना थामहाराष्ट्र की पुण्य धरती भी कृत-कृतार्थ … Read more

संग तुम्हारा पाकर

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* मन में मेरे रह-रह कर भी क्यों होता है आभास,यूँ दूर होकर भी तुम क्यों लगते हो अति पास। मधुर-मधुर स्मृति तुम्हारी मेरे मन को हर लेती है,‘संग तुम्हारा पाकर’ जीवन में खुशियाँ भर देती है। मधुर चाँदनी रातों में खिलती कलियाँ साँसों में,नजदीकी बढ़ जाती है तरुणाई से भरी रातों … Read more

सशक्त दिव्यांग कहलाए

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** सशक्त दिव्यांग वो कहलाए,जो पढ़कर भी रोजगार ना पाए। सशक्त दिव्यांग वो कहलाए,जो स्वस्थ होकर भी बीमारीकी चपेट मे आए। सशक्त दिव्यांग वो कहलाए,बुराई ना मिटाए और भ्रष्टाचारीबन जाए। सशक्त दिव्यांग वो कहलाए,बुरी सोच को ना मिटाए औरआशीष वचन गवांए। सशक्त दिव्यांग वो कहलाए,दुराचार ना मिटाए और पापीबन जाए। सशक्त … Read more

है यह समर भूमि

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* यह समर भूमि है, भारत के जांबाज़ शौर्य दिखलाते हैं,अर्पित करते दुर्लभ जीवन, भारत माँ कर्ज चुकाते हैंहर श्वाँस चले भारत चिन्तन, अभिनंदन भारत गाते हैं-मुण्डमाल गला कर ढाल खड्ग बलिदान अमर बन जाते हैं। जयमाल वक्षस्थल शोभित रज भाल राष्ट्र सज जाते हैं,दानव चरित्र पाकी दहशत विकराल मौत … Read more

सामना कर नहीं पाए

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** बड़ी कोशिश लगाई परसामना कर नहीं पाए,हमारी वायु सेना से-मुक़ाबला कर नहीं पाए। मिसाइल छोड़ी थी तुमनेसोच डर जाएगा भारत,हवा में ही उड़ा दी सब-वो नीचे गिर नहीं पाया। फैलाते वे रहे दहशतयही एक चाल चलते,नहीं उनमें ये है शक्ति-सामना कर नहीं सकते। सम्हल जाओ कहा था परतुम शायद सुन नहीं पाए,अकड़ … Read more

शत्रु पर टूट पड़ते जवान

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** देश की खातिर मेरे सैनिकहो जाते कुर्बान,दुश्मन की छाती पर चढ़ हमला करते मेरे वीर जवानजय जवान, जय किसान, जय विज्ञान नारे में अभिमान,हर शहीद सैनिक के दिल में बसा है प्यारा हिंदुस्तान। जल, थल, वायु तीन दिशा में चौकस वीर जवान,सैनिक अपना लक्ष्य भेदते, उसमें ही उनकी शानभारत माता … Read more

पड़ोसी मत उछल

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* क्यों बे पड़ोसी! आजकल तू बहुत उछल रहा,औकात भुलाकर अपनी, हमें ही आँखें दिखा रहा। क्या भूल गया वो दिन, जब तेरा अस्तित्व न था,अहसान तुझ पर कर पड़ोस में रहने स्थान दिया। नंगा फ़क़ीर था, तब तन ढकने कपड़ा दिया,भूखा मर रहा, तब पैसा देकर अहसान किया। गरीब था तब, … Read more