धर्म नहीं सिखाता दहशत

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आतंक, विनाश, ज़िन्दगी (पहलगाम हमला विशेष)… धर्म पूछ कर गोली दागना,किस देश के संविधान में लिखा है ?ओ आतंकवाद के आकाओं!,तुमने यह पाप कहाँ से सीखा है ? धर्म नहीं सिखाता दहशत फैलाना,ये तो तुम्हारे जहन की खुराफातें हैंबने फिरे जो धर्म के ठेकेदार हो तुम,आदमी से आदमी को ही लड़ाते … Read more

मौन रहना अब ठीक नहीं

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** आतंक, विनाश, ज़िन्दगी (पहलगाम हमला विशेष)… धर्म का खेल घिनौना ऐसा,सुन जीते-जी मैं मर गयीमानवता शर्मसार हुई,नई गाथा फिर गढ़ गयी। कितना जहर भर हवा में,ये मंजर हमें दिखाता हैगलियाँ-बस्ती सूनी हो गयी,मानव व्यवहार बताता है। घर उजाड़े और सपने छीने,दामन भर दिए काँटों सेसोंचो बात बनेगी कैसे, क्या,बदले में दिए गुलाबों … Read more

सबक सिखाना जरूरी

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** पहलगाम का बदला है नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’,आतंकी ठिकाने ध्वस्त, सीमा के आगे दूर-दूरअभी तो यह प्रारंभ है, और भी होगी आगे तबाही,जिनके सुहाग उजड़े, उसका प्रतिशोध है भरपूर। जैसे को तैसा की मार, नापाक के लिए जरूरी थी,आतंकी ठिकानों को अब, नष्ट करना मजबूरी थीतुम छिप-छिप कर वार करने के आदी … Read more

आतंकियों का संहार होगा

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ************************************************************* आतंक, विनाश, ज़िन्दगी (पहलगाम हमला विशेष)… पहलगाम की वह घटित घटना,आँखों से हटाए नहीं हटती हैऐसी कायरानापूर्ण है हरकत वह,मानवता पर कालिख मलती है। घटना से बेखबर वह चला था,घाटी घूमने को मन मचला थाकोई था विवाह से तुरंत पहुँचा,कोई भ्रमण के लिए निकला था। देख विशेष दिशा से आया … Read more

किसान है जान

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** आराम नहीं जानता, है विरुद्ध वह जान।मेहनत करता प्यार से, पाए उसमें शान॥ श्रम करता भरपूर ही, करे नहीं वह आह।मिलता हरदम नूर ही, करे काम की चाह॥ महल बनाये गैर के, रहे झोपड़ी नित्य।बोलो कैसे सुखी रहे, करता है निज कृत्य॥ चिंता उसको पेट की, पूरी कभी न होय।पेट … Read more

साथ चलें सभी, तभी देश

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** सौ धागे इक साथ मिलें मोटी रस्सी बन जाए,अलग-अलग जब स्वर मिलें, सुंदर गीत बन जाए। सुख-दु:ख में लोगों के जब हाथ थाम कर चलते,मन में संतोष पाले जब साझे दीप हैं जलते। न धर्म जाति का बंधन हो न भाषा की हो सीमा,आपस में सब साथ रहें और प्यार … Read more

जिंदगी… खेलते रहें हर हाल में

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* ज़िंदगी एक रेल है,कभी सरपट दौड़ेतो कभी धीमी,इसकी चाल है। ज़िंदगी एक खेल है,कभी जीत तो कभी हारखेलते रहें हर हाल में,यही जीवन का सार है। ज़िंदगी एक जेल है,नकारात्मक विचारों केभ्रमर जाल में फंस कर,पतन की ओर ही जाती है। ज़िंदगी एक मेल है,दु:ख भरी झोली मेंकुछ पल खुशियों के,सबसे … Read more

धन्य वीर हैं हिन्द के

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम विशेष)… छद्म युद्ध में पाक ने, किया काम नापाक।मिली सजा उसको अभी, हुआ आज वह खाक॥ बार-बार पिटता रहा, फिर भी करे अधर्म।नहीं सुधरता है कभी, करता सदा कुकर्म॥ घुसकर मारा पाक को, हमला किया प्रचंड।धन्य वीर हैं हिन्द के, दिया पाप का दंड॥ सजा … Read more

बहुत ख़ुशी देख विराजित राम लला

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** शिला (ईंट) पूजा, घुमा श्रीराम रथ के संग,बच्चा बच्चा राम का नारे की गूंज थी बहुरंगहिंदुत्व जागरण में नशा चढ़ा था भगवा रंग,चला अयोध्याधाम को, लेकर खूब उमंग। रामभक्तों को पुलिस ने किया था तंग-तंग,भेजा सबको जेल, मचा था अजब हुड़दंगसोनभद्र गुर्मा जेल में दिखा केसरिया रंग,जेलर को नत्मस्तक कराया, … Read more

आर-पार भारत अटल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… युद्ध के बादल गरजे, घबराया नापाक।अगर युद्ध सीमान्त चहुँ, पाक बनेगा खाक॥ समरांगण फिर सज रहा, भारत सैन्य विशाल।चक्रव्यूह चहुँ बिछ रहा, उधड़े पाकी ख़ाल॥ आमंत्रण दे युद्ध को, कुमति खली यह पाक।प्रतिबन्धों से आकुलित, ख़ोज रहा तैराक॥ सत्य शान्ति रथ सार्थ … Read more