प्रभु रहते हमारे हृदय में

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** प्रभु रहते हमारे हृदय में,वे खुद को छिपाये हैं।जो बुद्धि गुरु-कृपा विवेकी,प्रभु जी दिख पाये हैं॥ भोगों में डूबा है तनिक जाग जा तू,इंद्रियों पे कस लगाम नाम जप सदा तू।नाम जपना है जिनकी आसक्ति,प्रभु जी चल के आयें हैं॥प्रभु रहते हमारे हृदय में,… रूप, रस,गन्ध ना अब इनकी … Read more

बोए जाते हैं विषैले बीज

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… वो आए और लोगों में मिल गए,रोज घूमने भी जाते होंगेसैलानियों के साथ सैलानियों की तरह,किसी को कोई शक करने कीकोई गुंजाइश ही नहीं थी,उनके मक़सद पर…। वो पैदा होते ही इसी लिए शायद,सरहद पार के मदरसा नाम केपेड़ पर फलते हैं-फूलते हैं,विषैले फूलकरवाते … Read more

काल आ गया असुरों का

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* आतंक, विनाश और ज़िंदगी (पहलगाम हमला विशेष)… चलो ठीक है धर्म पूछा है तो उनको धर्म बताना होगा,अपना धर्म परिचित कराकर अब उनको ठिकाने लगाना होगातैयारी कर लो जाबांज युवाओं, अब के धर्म बताकर ही रहेंगे,अपने धर्म का परिचय कराकर, उनको औकात उनकी जताकर ही रहेंगे। नस-नस में हमारी दौड रहा … Read more

उठो, अपना शौर्य दिखाओ

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** आतंक, विनाश, ज़िन्दगी (पहलगाम हमला विशेष)… भूली-बिसरी कुछ यादें जब-जब आती हैं याद,तब-तब मुझसे करती हैं वो, घायल- सी फरियाद। धर्म के नाम पर कभी मेरे भारत का हुआ बंटवारा,फिर भी हिंदुस्तान में नहीं,उचित अस्तित्व हमारा। कहने को हिंदू हैं फिर भी, हम डर- डरकर रहते,जिन्हें यहाँ से जाना था, वो रोज … Read more

श्रम का कोहिनूर हूँ

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)********************************************* श्रम आराधना विशेष… मजदूर हूँ, मजदूर हूँ,घर से अपने दूर हूँ। देश का नूर हूँ,श्रम का कोहिनूर हूँ। सूखी रोटी खाता हूँ,भारी वजन उठाता हूँ। किसी मौसम से नहीं घबराता हूँ,तकलीफों में भी खुश हो जाता हूँ। बिगड़ी मैं बनाता हूँ,सबके काम आता हूँ। बंजर भूमि पर भी,सोना मैं ही उगाता हूँ। … Read more

मालिक नहीं कभी बन पाते..

डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’,लखनऊ (उत्तरप्रदेश )************************************************* श्रम आराधना विशेष… मज़दूर दिवस की है शुभकामना,श्रमिकों का होता यह दिन आजमेहनत मज़दूरी करें जो जीवन भर,रहें वह भरपेट भोजन के मोहताज। निज श्रम करके ही सींच कर,कृषक सभी उपजाते हैं अन्नफिर भी आजीवन मजदूर बन,यह वर्ग रहता है सदा विपन्न। हल-बैल, फावड़ा, हँसिया धरे,इस दुनिया … Read more

‘श्रम’ धर्म है, और जीवन लंबी मज़दूरी

नीता श्रीवास्तव ‘श्रद्धा’भोपाल (मध्यप्रदेश)****************************************** श्रम आराधना विशेष…. कड़कती धूप में झुलसता है शरीर,धूल और पसीना जैसे उसकी पहचानहाथों में छाले हैं, पैरों में, बिवाई की दरारें,होंठ उतना ही मुस्कुराते हैं, जितनी दिहाड़ी! दिनभर के श्रम के बाद,शाम उसके पास नहीं ठहरतीनींद भी उतनी ही आती है,जितना थका शरीर और रोटी के सपने में उलझा मन! … Read more

श्रमिक हृदय है राष्ट्र का

पवनेश मिश्राछतरपुर (मध्यप्रदेश)************************************** श्रम आराधना… श्रम की गाथा गाते श्रमिक, जीवन की धुरी सँवारें,रुधिर-सी बहती करघों पर, साधना की ज्योति उभारें। सृजन-पथ के रथी अमर ये, जग को गति दे जाते,विपदाओं के तमस तले भी, स्वेद से दीप उजारें। हाथों में लोहा फूल बने, ईंटों में सुर गूँजे,सपनों की सच्ची ज़मीं पर, कर्मशीलता पूजे। नमन … Read more

करते चोखा न्याय

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* प्रभु चित्रगुप्त जयंती विशेष… कलम-देवता है नमन्, विनती बारम्बार।हर लेना अँधियार सब, देना नित उजियार॥ न्याय देवता तुम भले, पाप-पुण्य का लेख।प्राणी की तुम खेंचते, बिल्कुल सच्ची रेखा॥ ब्रम्हा ने तुमको जना, हो तुम मानस पूत।तुम हो धर्माधर्म के, सबसे सच्चे दूत॥ कायस्थों के पूर्वज, सबसे चतुर सुजान।कलम चलाते सत्य की, … Read more

पुकारता मेरा वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पुकारता मेरा वतन, जागो भारत वीर।पहलगाँव अरिघात का, बदला लो रणधीर॥ मिटा पाक नक्शा धरा, नाश करो आतंक।महाकाल बन घात कर, बने शत्रु फिर रंक॥ दहशतगर्दी पाक का, लिया रूप विकराल।युवाशक्ति सैनिक वतन, नाश करो बन काल॥ रखो लाज भारत वतन, साथ तिरंगा शान।कर्ज चुकाने का समय, आया पुनः … Read more