माँ’ बनकर समझी परिभाषा
वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… उस दिन प्रसव पीड़ा से गुजरते हुए… बंद पलकों और अधरों से बहते.. कष्ट में छाया था, बस एक ही चेहरा… वह थीं मेरी ‘माँ।’ उस दिन समझ आयी थी… ‘माँ’ की परिभाषा। और जैसे ही परिभाषा समझ आयी, एक नन्हीं कली मेरी गोद में आयी। … Read more