आँचल की छाँव
डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…. आज सुबह-सुबह उसे फिर माँ की याद आ गई। …लगता है जैसे घर का सूरज ही अस्त हो गया। घर के सौन्दर्य के अभाव को तुम ही तो पूरा करती थी माँ! सुबह ६ से शुरू होने वाली तुम्हारी दिनचर्या रात ११ बजे … Read more