खुशी का पता
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************* मैं निकला खुशी ढूंढने,ढूंढते-ढूंढते मिला एक नेतासोंचा इसके पीछे सारी जनता,यही होंगे सच में खुशी के देवता। पर देखा गद्दी पर बैठा था उदास,माथे पे चिंता की गहरी लकीर खासपिछला चुनाव तो जीत लिया था,अगले चुनाव का डर सता रहा था। उसे छोड़कर मैं और आगे बढ़ा,देखा दूर एक अमीर … Read more