कैसी है विडम्बना ?
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कैसी है विडम्बना ?स्त्रीत्व की यह अवहेलना,निर्णय स्वयं वह कर नहीं पातीक्योंकि समाज की है वर्जना। अविवाहिता की कामनाअति उद्विग्न नहीं मानना,समाज में हो जाएगा मुश्किलउस छोटी-सी जान का जीना। कलेजे का टुकड़ाकिसी के द्वारा जाएगा पकड़ा,मिलेगी सम्मान की ज़िंदगीअसहाय न रह जाएगा खड़ा। निर्णय यही लेना,इसको नदी में बहा देना।ईश्वर ही … Read more