हिन्दी का सजग प्रहरी पत्रकार-आचार्य शिवपूजन सहाय

डॉ. अमरनाथ*************************************************************** हिन्दी योद्धा……. आचार्य शिवपूजन सहाय के निधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था,-“अगर उनकी सोने की मूर्ति लगाकर,चारों ओर पत्तर पर हीरे जड़ दिए जाएं,तो भी उनकी हिन्दी-सेवा का प्रतिदान नहीं चुकाया जा सकता।” कर्मेन्दु शिशिर ने अपनी पुस्तक ‘पत्रकारिता के युग-निर्माता:शिवपूजन सहाय’ में लिखा है,- “जीवन … Read more

पढ़ाई के साथ खेल भी आवश्यक

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जब हम छोटे थे,तब दौड़ा-दौड़ी के बाद सबसे पहले लूडो खेलना शुरू किया जो आज भी उम्र के इस पड़ाव में उतने ही उत्साह से खेल लेते हैं। जब कुछ सयाने हुए तब कैरम खेलने लग गए। कुछ और सयाने हुए,तब पांव से गेंद एक दूसरे की तरफ फेंकने लगे। जब … Read more

विलुप्त होता शिक्षक धर्म

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*************************************** शिक्षा-ज्ञान एक ऐसा दीपक है,जिसके द्वारा कभी अन्धकार नहीं मिलता या होता है। ज्ञान रुपी प्रकाश से अज्ञानता विलीन होती है। शिक्षा या ज्ञान का महत्व हर युग में बहुत रहा है,इसलिए ज्ञान की देवी सरस्वस्ती पूज्यनीय हैं। पहले गुरुकुल में जाकर ज्ञान प्राप्त किया जाता था,चाहे सामान्य विद्यार्थी हो या राजकुमार हो। … Read more

काबुलःभारत करे नई पहल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* काबुल हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में अमेरिका ने २ हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि वे उन हत्यारों को मारे बिना चैन नहीं लेंगे। अभी तक यही पता नहीं चला कि जो ड्रोन हमले अमेरिका ने किए हैं,वे किन पर किए हैं और उनसे मरनेवाले कौन … Read more

काबुलःबैठे रहो और देखते रहो ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत सरकार की अफगान नीति पर हमारे सभी राजनीतिक दल और विदेश नीति के विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि तालिबान भारतीयों को बिल्कुल भी तंग नहीं कर रहे हैं और भारत सरकार उनकी वापसी में काफी मुस्तैदी दिखा रही है। वह जो भी कर रही है,वह तो किसी भी … Read more

१९६५ की देशभक्ति और प्रदर्शनी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** यादों के झरोखे से… १९६५ में भारत और पाकिस्तान में युद्ध छिड़ा हुआ था। मैं उन दिनों उषा सिलाई स्कूल में सिलाई- कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रही थी। उस समय लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री थे। उन्होंने देश के लोगों में देशभक्ति का ऐसा जज्बा पैदा कर दिया था कि महिलाओं ने अपने … Read more

‘जातिवार जनगणना’ अब नया ‘खेल’ होगी ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश में जातिवार जनगणना का मानस बनाने के लिए जिस सुविचारित ढंग से चालें चली जा रही हैं,उससे साफ है कि आगामी चुनावों का यह मुख्य मुद्दा होगा। इसकी डुगडुगी घोर जातिवाद में पगे बिहार से बजना स्वाभाविक ही था। एनडीए का हिस्सा रही जद यू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार … Read more

प्रतिस्पर्धा,प्रतिष्ठा और प्रदर्शन के लिए कितनी अमानवीय हिंसा…

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ******************************************* शुरू से ही मानव ने विकास किया और उसके पास मति-बुद्धि-विवेचना-ज्ञान का होने से अजीर्ण होना शुरू हुआ और वह विवेक हीन होना शुरू हुआ। मानव का विकास में मानवीय गुणों का होना अनिवार्य है,अन्यथा वह जानवर से भी बुरा है। साक्षर जब बिगड़ता है,तब वह राक्षस बन जाता है। मानव … Read more

ईश्वर की महिमा अपरम्पार

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** ‘काके'(स्व. सुरेन्द्र सिंह चाहिल) हम पाँच भाइयों में तीसरे नम्बर का भाई,जो कर्मठ,कर्तव्यपरायण,हर प्रजाति के जीवन का रक्षक,और अपने समय का एक माना हुआ खिलाड़ी रहा। उन दिनों उसके चर्चे, तात्कालिक मध्यप्रदेश के सरगुजा क्षेत्र ही नहीं, विन्ध्य में भी हुआ करते थे।अचानक ३१जुलाई १९७२ की एक काली शाम … Read more

तालिबान पूरी दुनिया के लिए खतरा

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** हाल ही में समाचारों में अफगानिस्तान की खबर छाई हुई है। कुछ ही दिन में अफगानिस्तान पर तालिबान की अप्रत्याशित जीत से पूरी दुनिया दंग रह गई है कि जिस तालिबान के पास न टैंक है,न तोप है,वो आधुनिक हथियारों से युक्त अपने से ५ गुनी बड़ी अफगान सेना से कैसे जीत गई … Read more