हिन्दी का सजग प्रहरी पत्रकार-आचार्य शिवपूजन सहाय
डॉ. अमरनाथ*************************************************************** हिन्दी योद्धा……. आचार्य शिवपूजन सहाय के निधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था,-“अगर उनकी सोने की मूर्ति लगाकर,चारों ओर पत्तर पर हीरे जड़ दिए जाएं,तो भी उनकी हिन्दी-सेवा का प्रतिदान नहीं चुकाया जा सकता।” कर्मेन्दु शिशिर ने अपनी पुस्तक ‘पत्रकारिता के युग-निर्माता:शिवपूजन सहाय’ में लिखा है,- “जीवन … Read more