अनमोल मोती

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** रक्षाबंधन विशेष……… ‘रक्षाबंधन’ के सिर्फ २ दिन बचे थे,कमला बड़ी उदास थी कि वह इतनी दूर जाकर बेटी को कैसे लाए ? उसका १० साल का बेटा हर्षित कई बार पूछ चुका था कि माँ दीदी आएगी न ? रक्षाबंधन पर ? मुझे दीदी से राखी बंधवाना है,मुझे दीदी की बहुत … Read more

उपराष्ट्रपति जी के विचार पर प्रधानमंत्री को अमल करना चाहिए

*निर्मल कुमार पाटोदी,इंदौर(मप्र)शिक्षा में मातृभाषा अपनाई जाएगी,तब ही राष्ट्र की युवा पीढ़ी स्वाभाविक रूप से अपने जीवन के हर क्षेत्र में देश की सभी भाषाओं को बिना आग्रह के अपना लेगी। नयी शिक्षा नीति में देश की सभी भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की ओर बिना विलंब ध्यान दिया जाना आवश्यक है। प्रस्तुत लेख … Read more

काबुलःभारत की बोलती बंद क्यों ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* काबुल पर तालिबान का कब्जा होने ही वाला है लेकिन म आश्चर्य है कि हमारा प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय और गुप्तचर विभाग आज तक सोता हुआ क्यों पाया गया है ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से बहुत लंबा-चौड़ा भाषण दे डाला और १५ अगस्त को जिस समय उनका भाषण चल … Read more

अफगान को चाहिए मानवता का प्रकाश

ललित गर्गदिल्ली ************************************** विश्व मानवीय दिवस-१९ अगस्त विशेष………… प्रतिवर्ष १९ अगस्त को मनाया जाने वाला ‘विश्व मानवीय दिवस’ इस वर्ष अफगानिस्तान में हुई तालीबानी अमानवीयता,क्रूरता एवं बर्बरता की घटनाओं से जुड़े अनेक प्रश्नों को खड़ा करता है। अफगानिस्तान का लगभग अठारह वर्षों तक अमेरिकी एवं मित्र देशों के साये में जद्दोजहद के बाद फिर अंधेरे … Read more

जननी तुल्य मातृभूमि

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. अनेक विविधताओं से भरे हुए मेरे प्यारे भारत देश की संस्कृति बहुरंगी है क्योंकि यहाँ हिन्दू, मुसलमान,ईसाई,सिख,जैन,बौद्ध आदि विभिन्न संप्रदायों के लोग रहते ही नहीं,बल्कि सभी अपने अपने धर्म के अनुसार रीति-रिवाज,पहनावा,खान-पान और मान्यताओं के अनुसार व्यवहार करते हुए एक राष्ट्र के संविधान में आस्था … Read more

हे मेरे देश! किन शब्दों से गुणगान करूँ…

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. विदेशी भूमि पर जन्म लेने वाले भारत-भूमि के विषय में एक न एक बार या कभी न कभी अवश्य सोचते ही होंगे-‘अगर यहाँ जन्म लिया होता तो मैं ऐसा होता।’अक्सर अपने देश के बारे में जानने की जिज्ञासा अति उत्कंठा उत्पन्न करती है। यह उत्कंठा … Read more

हर आदमी को न्याय कैसे मिले ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश एन.वी. रमन ने भारत की न्याय-व्यवस्था के बारे में दो-टूक बात कह दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पुलिस थानों में गिरफ्तार लोगों के साथ जैसी बदसलूकी की जाती है,वह न्याय नहीं,अन्याय है। वह न्याय का अपमान है। गरीब और अशिक्षित लोगों की कोई मदद नहीं करता। … Read more

श्मशान में भी दरिंदगी… कैसे कहाँ सुरक्षित

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* यह बात बिलकुल सही है कि सरकारें प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर सकती। कारण इतना विशाल देश,जहाँ आबादी का विस्फोट हो,वहाँ क्या कर सकती है। कोरोना संक्रमण काल में सरकार बेबस लाचार रही। कारण बुनियादी व्यवस्था का इन्तज़ाम,क्योंकि रोग का संक्रमण अचानक आ गया,जबकि दुनिया के बहुत पहले सचेत कर … Read more

आरक्षण:विशेष अवसर अवश्य मिले,लेकिन विशेष का उचित होना भी अत्यंत जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सरकार ने चिकित्सा की पढ़ाई में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए २७ प्रतिशत और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए १० प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण एमबीबीएस,एमडी,एमएस, डिप्लोमा,बीडीएस और एमडीएस आदि सभी कक्षाओं में मिलेगा। आरक्षण का यह प्रावधान सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों पर लागू होगा। इस आरक्षण के … Read more

खेल भावना के आगे सब कुछ गौंण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** २३ वर्षीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिम्पिक में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में ओलिम्पिक पदक जीतने का पिछले १०० साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया। इस जीत से नीरज चोपड़ा ने न केवल इतिहास रचा,बल्कि हमारे राष्ट्र को भी गौरवान्वित किया … Read more