समस्या को समझें,सुलझाने का सार्थक प्रयास करें राजनेता

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** देश के निर्माण के लिए राजनेताओं का सकारात्मक योगदान होना चाहिए। आजकल हम देखते हैं कि ज्यादातर राजनेता स्वार्थी हैं। केवल अपना उल्लू सीधा करते हैं। जब चुनाव होते हैं तो घर-घर जाकर लोगों से गले मिलते हैं। बड़े-बड़े वादे करते हैं,घड़ियाली आँसू बहाते हैं,पर चुनाव जीत जाने के बाद फिर उनके … Read more

स्वार्थ से विरत होकर ही सुखमय जीवन की कल्पना संभव

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************** आज के भौतिकवादी जिजीविषा के दलदल में फंसी भागम-भाग की जिंदगी में एक यह यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा है कि ‘पारिवारिक जीवन कैसे सुखमय हो ?’परिवार का अर्थ वह गोवर्धन पर्वत सम छत्र है जिसमें सभी परस्पर प्रेम,सौहार्द,सहयोग,सुख-दुःख के साथी,सहानुभूति,सहनशीलता,और संवेदनशील और एक-दूसरे की चहुँमुखी प्रगति,विकास,उत्थान और अनवरत संघर्ष … Read more

क्रांतिकारी उपन्यासकार रहे मुंशी प्रेमचंद जी

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)****************************************** स्वत्रंत्रता के सेनानी व उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद जी के जयंती दिवस पर सुमन श्रद्धांजलि अर्पण।भारत की स्वतंत्रता केवल बन्दूक की नाल या अग्निगोला या अनशन से नहीं आई थी। इसके पीछे लेखकों की तीक्ष्ण कलम की धार भी थी। इसके जलन्त उदाहरण मुंशी प्रेमचंद जी हैं। उनकी जीवनी का अध्ययन करने … Read more

घड़ियाली आँसुओं की वर्षा…

डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’रानी बाग(दिल्ली)****************************** वर्षा फिर आ गई। हर साल आती है। हज़ारों सालों से आती है। कुछ को हँसाती है,तो कुछ को रुलाती है। वक्त-वक्त की बात है। २ साल पहले तक देश कृषि प्रधान था। वर्षा आती थी,साथ में खुशी लाती थी। खेत सोना उगलते थे। बारिश के ४ महीने यानी चौमासा। … Read more

सार्वजनिक गणेशोत्सव के प्रणेता लोकमान्य तिलक

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** पुण्यतिथि विशेष….. राष्ट्रवादी,शिक्षक,समाज सुधारक,वकील, ‘पूर्ण स्वराज’ के पैरोकार और भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के प्रथम लोकप्रिय नेता बाल गंगाधर तिलक (६५ वर्ष की उम्र में १ अगस्त १९२० को मुम्बई से ही स्वर्गारोहण) को उनकी १०१ वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद दिलाना चाहूंगा कि इनको ‘लोकमान्य’ की आदरणीय उपाधि … Read more

संसदःपक्ष और विपक्ष का अतिवाद

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* संसद का यह वर्षाकालीन सत्र अत्यधिक महत्वपूर्ण होना था लेकिन वह प्रतिदिन निरर्थकता की ओर बढ़ता चला जा रहा है। कोरोना महामारी, बेरोजगारी,अफगान-संकट,भारत-चीन विवाद,जातिय जनगणना आदि कई मुद्दों पर सार्थक संसदीय बहस की उम्मीद थी लेकिन पेगासस जासूसी कांड इस सत्र को ही लील गया है। लगभग २ सप्ताह से दोनों सदनों … Read more

वास्तव में अत्यंत निंदनीय

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)****************************************** मुद्दा-ऑक्सीजन की कमी कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि,महाभारत काल बहुत विकसित रहा। कारण संजय ने अपने राजा को युद्ध की सब घटनाएं नित्य प्रति सुनाई और राजा को लग रहा था कि में स्वयं मैदान में रहकर साक्षात् युद्ध देख रहा हूँ। इसके अलावा धृतराष्ट्र को पूरे राज्य के घटनाक्रम … Read more

अच्छे विद्यालय,अच्छे गुरु और अच्छा स्नेह मिला

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष….. ‘विद्यार्थी’ २ शब्दों के मेल से बना है-विद्या व अर्थी। विद्या का अर्थ हुआ ज्ञान और अर्थी माने चाहने वाला। देश का एक अच्छा नागरिक हम तभी हो सकते हैं,जब हम अपने अध्ययनकाल में अच्छे विद्यार्थी होंगे। ऐसे ही मेरा विद्यार्थी जीवन बहुत अच्छा था। बचपन से … Read more

…तो ज्ञान दीपक न जलता

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. मैं जब पहली कक्षा में था तो दोस्तों को बहुत गालियाँ देता था,सिर्फ इसलिए कि वो मुझे परीक्षा में नकल नहीं कराते थे। उस समय हमारे विद्यालय में ‘चूरन’ मिलता था। जब परीक्षा का समय आता था तो मैं उन्हीं लड़कों को चूरन खिलाता था जो … Read more

स्मृतियों के झरोखे में अनमोल विद्यार्थी जीवन

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मेरा विद्यार्थी जीवन….. विद्यार्थी जीवन होता है अनुपम अनमोल,खेल-कूद सखी मित्र संग नटखट बेमोलशिक्षा संग होये उत्तम व्यक्तित्व निर्माण,कच्चे घडे़ संवारते मात-पिता-गुरु बोल। सुमधुर स्मृतियाँ बचपन हृदय हँसे डोल,हँसी-ठिठोली संग बनते हमजोली बेमोल।बालक-बालिका भविष्य हों उत्तम नागरिक,लौटकर ना आये विद्यार्थी जीवन अनमोल॥यूँ तो विद्यार्थी जीवन बालकाल से जब तक आप … Read more