संस्कार और मूल्यों पर ध्यान देना आवश्यक

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* संस्कारों से संस्कृत व्यक्ति देवताओं और ऋषियों के समान पूज्य हो जाते हैं। हमारी प्राचीनतम भारतीय संस्कृति विश्व की संस्कृतियों का मूलाधार है।संस्कृति सहिष्णुता,समन्वय की भावना,गौरवशाली इतिहास,संस्कार,रीति-रिवाज और उच्च आदर्श लिए अमूर्त रूप में व्यक्ति के आचरण से झलकते हैं।हम जिस देश,समाज और परिवार में जन्म लेते हैं,उसी के अनुरूप … Read more

सरकारी जासूसी पर हंगामा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हमारी संसद के दोनों सदन पहले दिन ही स्थगित हो गए। विपक्षी सदस्यों ने सरकारी जासूसी का मामला जोरों से उठा दिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश के लगभग ३०० नेताओं,पत्रकारों और जज आदि पर जासूसी कर रही है। इन लोगों में २ केंद्रीय मंत्री,३ विरोधी नेता, ४० … Read more

सीखने का नाम ही विद्यार्थी जीवन

अमृता धनंजय यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)*************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. जीवन का सबसे उत्साह और उमंगमय भरा समय विद्यार्थी जीवन होता है,क्योंकि इन दिनों हम दिमाग के एक कोने मे शरारतें तो दूसरे में सपने बुनते हैं। डर भी बहुत लगता है,पर ‘जो डर गया सो मर गया’, ऐसा कह कर हर चीज करने के … Read more

मेरा विद्यार्थी जीवन और रचना धर्मिता

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. पिताजी यद्यपि अपने समय के कक्षा ४ उत्तीर्ण थे,फिर भी उनकी गणित बहुत अच्छा था।विद्यालय घर से दूर होने के कारण मेरी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। कक्षा ३ से प्राथमिक विद्यालय हऊली (चौनलिया) में प्रवेश लिया। गुरुजी श्री भैरवदत्त एवं श्री दयाकृष्ण जोशी … Read more

मौज-मस्ती की,नाम भी खूब कमाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. मेरा विद्यार्थी जीवन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ था। जैसा धुंधला-सा याद आता है उस दिन माताजी,जो बालक कि प्रथम गुरु होती है,ने सर्वप्रथम प्रभु श्री गणेशजी की पूजा कराई और उसके बाद मेरी पाटी (स्लेट) की पूजा ही नहीं करवाई,बल्कि बरते (जिससे स्लेट पर … Read more

मैकाले की आत्मा

डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’रानी बाग(दिल्ली)****************************** ‘मैकाले’ तो आम आदमी की तरह वक्त आने पर नश्वर देह को त्यागकर इस संसार से कूच कर गए, परंतु आत्मा तो अजर-अमर है। शरीर से निकलने के बाद वह यमदूतों के साथ चल देती है। ऐसा प्रायः सामान्य आत्माएँ करती हैं। कुछ आत्माएँ असामान्य-असाधारण होती हैं। वे बँधे-बँधाए कायदे … Read more

‘असंसदीय शब्द आचार संहिता’ के सदके..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या असंसदीय शब्दकोश जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सौहार्द और शालीनता की इबारत को कायम रख सकेगा ? खास कर तब कि जब आज के जमाने में ‘भाषाई अभद्रता’ को भी ‘बिकाऊ सामग्री’ के तौर पर देखा जाने लगा है। और यह भी कि जब सार्वजनिक आचरण में भी कई बार भद्रता-अभद्रता की … Read more

कुछ ना कहो

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** सुगुनी का विवाह अपने से बड़ी उम्र के आदमी किशना से हो गया था। किशना अच्छा पैसे वाला शख्स था। उसका बहुत पैसा सुगुनी के बाप राम चन्द्र पर उधार था। राम चन्द्र कैसे भी उस पैसे को नहीं चुका पा रहा था। किशना की पहली बीबी चार बच्चों को छोड़ कर … Read more

हम सबका खून एक ही

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* बिहार सरकार के एक मंत्री जमा खान ने अपनी ८०० साल की विरासत को याद किया और खुद की मिसाल पेश करके कहा कि सर संघचालक मोहन भागवत ने जो कहा है,वह बिल्कुल ठीक है। मोहन जी ने पिछले दिनों कहा था कि भारत के हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक ही … Read more

कल्याणी का दर्द

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* सच कहती हूँ मैं,आत्मा काँप जाती है,आँखें भर जाती है,जब उनके विषय में चर्चा सुनती हूँ। क्या विचार,व्यवहार है उस कल्याणी (विधवा) नारी के प्रति। मित्रों छोटी-सी बिटिया,नहीं जानती है कल उसके संग क्या होने वाला है,क्या सुनने वाली है। बिटिया बड़ी हो गई,धूमधाम से ब्याह  रचाया गया और दिल खोलकर … Read more