बालिकाओं की सुरक्षा के लिए परिवार-समाज को आगे आना होगा

डॉ.प्रभात कुमार सिंघलकोटा(राजस्थान)************************************ एक विदूषी महिला को कहते सुना-आखिर हमारा भी वजूद है,हम खाली प्याले की तरह नहीं जो चाय पी और खत्म शो। उनके इन शब्दों में विकासशील कहे जाने वाले समाज में बालिकाओं और महिलाओं की स्थिति पर खासा व्यंग्य छुपा हुआ था। कहने और देखने में तो बालिका चाहे खेल हो या … Read more

गुणतंत्र वाली हमारी गणतांत्रिक प्रणाली

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)********************************** देश आज अपने गणतंत्र होने की वर्षगांठ मना रहा है। हमारे संविधान निर्माताओं,नीति निर्धारकों, स्वतंत्रता सेनानियों,क्रांतिकारियों ने देश के लिए जो सपने देखे,उनकी पूर्ति करने का कार्य फलीभूत हुआ था आज के दिन। देश को कल्याणकारी लोकतांत्रिक व्यवस्था घोषित किया गया जिसका अर्थ है वह व्यवस्था जो जनता द्वारा चुनी गई, जनता द्वारा … Read more

लोकतंत्र को कैसे मिले नेतातंत्र से मुक्ति

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हमारे ७२ वें गणतंत्र दिवस पर हम ज़रा गहरे उतरें और सोचें कि हमारे गणतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती क्या है ? क्या यह नहीं कि वह एक सच्चा गणतंत्र बन जाए ? गणतंत्र याने क्या ? गण का तंत्र अर्थात जनता का तंत्र। ऐसा तंत्र जिसमें जनता का राज हो,जनता के … Read more

रोचकता से भरा है गणतंत्र दिवस का सफर

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष………. गणतंत्र दिवस हर साल हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाने वाले तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। इस बार भी ७२ वां गणतंत्र दिवस २६ जनवरी को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।अब पहले हम गणतंत्र’ के अर्थ को समझ लेते हैं-जनता के लिए … Read more

कुछ गुड़ ढीला,कुछ बनिया

डॉ.अर्चना मिश्रा शुक्लाकानपुर (उत्तरप्रदेश)************************* गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष………. हमारे देश के सामान्य नागरिक गणतन्त्र शब्द का अर्थ तक नहीं जानते,कुछ इसकी अहमियत भी नहीं समझते,तो आखिर एक नागरिक होने के नाते हमारा लक्ष्य क्या होना चाहिए ?? मुझसे या आपसे जब कोई पूछता है तो भोली-भाली जनता कह देती है या उसके मन में यही … Read more

आत्मगौरव का राष्ट्रीय पर्व है गणतंत्र दिवस

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************* गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष………. दिवस हीरक यह गणतंत्र,देता स्वशासन का मूल-मंत्र;दिलाता हमें अहर्निश याद कि-हम हुए सैंतालीस में स्वतंत्र! मिला जब तिरंगा को सम्मान,हुआ जब अपना राष्ट्रगान;जनगण के मन में पनपा तब-नित नया एक स्वाभिमान! हिन्दी ले जब पुरानी आशा,बनी जब हमारी राजभाषा;सम्पर्क हित में थी बनी तभी-अंग्रेजी हिन्दी … Read more

हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा का सम्मान देने वाले पहले राष्ट्राध्यक्ष नेताजी सुभाषचंद्र बोस

डॉ. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)************************************* हिन्दी के योद्धा:जन्मदिन पराक्रम दिवस विशेष….. ओडिशा के कटक में २३ जनवरी १८९७ को जन्मे,कटक और कलकत्ता में पले-बढ़े,पिता की इच्छापूर्ति के लिए मात्र २३ वर्ष की आयु में आईसीएस पास करने वाले किन्तु अंग्रेजों की चाकरी करने को तैयार न होने के कारण उससे त्यागपत्र देने वाले,आजादी के लिए लड़ते … Read more

भारतीयों तुम पर गर्व है हमें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) *************************************** संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रपट में कहा गया है कि दुनिया के विभिन्न देशों में १.८० करोड़ भारतीय प्रवास कर रहे हैं। इनकी संख्या २ करोड़ कहूं तो ज्यादा सही होगा,क्योंकि फिजी से सूरिनाम तक फैले २०० देशों में भारतीय मूल के लाखों लोग पिछले सौ-डेढ़ सौ साल से वहीं के … Read more

हमारा कर्त्तव्य सबसे बड़ी ताकत

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** हमारा कर्त्तव्य जहां एक ओर हमारी सबसे बड़ी ताकत होता है,वहीं वह हमारे कष्टों का कारण बनता है। राष्ट्रीय कर्त्तव्यपूर्ति हेतु अनेक वीर महापुरुष अपने प्राणों की आहुति देकर अद्वितीय उदाहरण बने। जैसे राणा प्रताप सिंह सिंह,रानी लक्ष्मीबाई, भगतसिंह ने अपने शत्रुओं से लोहा मनवाया और वीर गति … Read more

हिंदी पर विशेष ध्यान दे सरकार

माननीय नरेन्द्र मोदी जी विषय: भारतीय भाषाओं,विशेषकर हिन्दी पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान देने का आग्रह। (यह पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार के स्थान पर आपको सम्बोधित करने के पीछे विशेष कारण यह है कि,प्रधानमंत्री पद की अपनी विवशताएँ होती और एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में आप स्व-विवेकानुसार आमजन के भावों पर अपनी प्रतिक्रिया दे … Read more