भारत-चीनःखुश-खबर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** भारत-चीन तनाव खत्म होने के संकेत मिलने लगे हैं। अभी दोनों तरफ की सेनाओं ने पीछे हटना शुरु नहीं किया है लेकिन दोनों इस बात पर सहमत हो गई हैं कि मार्च-अप्रैल में वे जहां थीं,वहीं वापस चली जाएंगी। उनका वापस जाना भी आज-कल में ही शुरु होनेवाला है। तीन दिन में … Read more

अलविदा…आसिफ बसरा

इदरीस खत्रीइंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************************** आसिफ के कुछ निर्देशक मित्रों से यह बात पता चली कि आसिफ अक्सर बोला करते थे-हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री सितारा अदाकारों पर केन्द्रित है, जबकि जितनी महत्ता अभिनेता की होती है,उतनी महत्ता चरित्र अभिनेताओं की भी होती है,लेकिन अफसोस सहयोगी अदाकारों को उतना महत्व नहीं मिल पाता है।आसिफ १२ नवम्बर को फांसी के फंदे … Read more

महावीर के निर्वाण से प्रचलित हुई जैन परम्परा में दीपावली

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** भारत देश धर्म प्रधान देश है,यहाँ की संस्कृति अहिंसा प्रधान है। इस देश में धर्म निरपेक्ष शासन प्रचलित है। त्यौहार हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक हैं,इनका सम्बन्ध भी प्राचीन महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा होता है। यहाँ पर धार्मिकता को लिए हुए अनेक पर्व मनाए जाते हैं। दीपावली पर्व को … Read more

कई विशिष्टता वाला त्यौहार दीपावली

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष….. अंधकार पर प्रकाश की विजय का त्यौहार दीपावली भारत में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपोत्सव का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। दीपावली से जुड़े कुछ रोचक तथ्य हैं,जो इतिहास के पन्नों में अपना विशेष स्थान बना चुके हैं।सभी जानते हैं कि कार्तिक बदी … Read more

एक वो भी दिवाली थी,एक ये भी…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ********************************************************** वाकई बड़ी विरोधाभासी दिवाली है। एक तरफ राजनीतिक हलकों में बिहार विधानसभा और मप्र सहित कई राज्यों में उपचुनाव नतीजों के बाद किसके घर दिवाली मनेगी और कहां मातम छाया रहेगा,यह पता चलेगा। दूसरी तरफ आम लोग पटाखाविहीन दिवाली मनाने को लेकर असमंजस में हैं,लेकिन सबसे ज्यादा मुसीबत दिवाली की पहचान रहे … Read more

मानसिक संकीर्णता से बचना होगा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************* बुद्धिजीवी मेडिकल एसोसिएशन की मान्यता है कि,पूरे विश्व के साथ भारत में आधुनिक चिकित्सा का वर्चस्व रहे और होना भी चाहिए। कारण एलॉपथी सरकार की दत्तक पुत्र होने से मुख्य धारा से जुड़ी है,और कहावत है मूल से ब्याज अधिक प्यारा होता है। इन बुद्धिजीवी को जन्म के समय से ही देशी दवाएं … Read more

देश की दिनचर्या के नियोजन की जरूरत

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने पहली बार ऐसा सर्वे करवाया है जिससे पता चलता है कि देशवासी रोज के २४ घंटों में से कितना समय किन कार्यों में बिताते हैं। यह समय उपयोग सर्वे पिछले साल जनवरी से लेकर दिसम्बर के बीच हुआ और इससे कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं जो आगे … Read more

विचारों के बिना जीवन सम्भव नहीं

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* बिना विचारों के जीवन तो सम्भव है। सम्भवतः जानवर भी अपना जीवन यापन करते हैं,जबकि जानवरों को विचार नहीं आते,परंतु मानव जीवन विचारों के बिना सम्भव नहीं है। आवश्यक यह भी नहीं है कि मानव आकृतियों में दिखाई देने वाले समस्त इंसान मानव ही हों।विचार मानव जीवन का … Read more

लोकतंत्र की चुनावी दीवाली

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ***************************************************** लोकतंत्र में मतदाता ही चुनाव में दीपावली मनाते हैं। मतदाता ही लोकतंत्र के दीए जलाते हैं और मतदाता ही बुझाते भी हैं। जिस दल या नेता का दीया मतदाता जलाते देते हैं,उसके घर पर दीपावली मनती है और जिसके बुझा देते हैं,उसके घर पर वीरानी छा जाती है।चुनाव आयोग जैसे ही … Read more

सब नश्वर,चरित्र कमाएं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जिनसे भी जन्म लिया,उसका अंत भी निश्चित है। मनुष्य मन के कारण ही मानव कहलाता है। जबसे मानव का प्रादुर्भाव हुआ,उसमें पाप यानी हिंसा,झूठ चोरी,कुशील और परिग्रह के साथ चार कषायों(क्रोध मान,माया लोभ यानी राग द्वेष) की युक्तता है। मनुष्य किस पर मद करता है- ज्ञानं पूजां कुलम जातिं बलमृद्धिं तपो वपुः।अष्टावाश्रित्य मानित्वं … Read more