प्रतिज्ञा भारत के सम्मान की

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* आओ मिलके करें प्रतिज्ञा,भारत के सम्मान की,भारत भूमि अपनी माता है,रहे कोशिश गुण-मान की। केसरिया वस्त्र धारणी,केसरिया ध्वजा फहराने वाली,शेर की सवारी माता करने वाली,वीरों को हर्षाने वाली। भारत माता,अन्न जल वस्त्र स्थान सबको देने वाली,हिन्दुस्तान से दुश्मनों को संहार सदा,माँ करने वाली। नारा लगाओ सब मिल के-ये विश्व हमारा घर … Read more

पतंग की अभिलाषा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** जीवन के रंग (मकर संक्रांति विशेष)…. चाह नहीं मैं आसमां में,ऊँची बहुत उड़ती जाऊँ,चाह नही बेक़ाबू हो,आँखों से ओझल हो जाऊँ। चाह नहीं है पखेरूओं के,उड़ने में मैं बाधा बनूँ,केवल मैं ही उड़ती फिरूँ,वह राह कभी नहीं चुनूँ। बच्चों के मन की उड़ान-सी,पतंग उड़ाएँ लोग,कट जाऊँ तो लूट भी लें,पर फिर … Read more

मुझे अच्छा नहीं लगता

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** मुझे बूढ़ी आँखों में,आँसू देखना अच्छा नहीं लगतामुझे उनके कंधों पर,बोझ रखना अच्छा नहीं लगता। आशाओ में गुजारी जिंदगी,पूरी न हो मुझे अच्छा नहीं लगतासहारे की जरूरत हो,सहारा ना दे मुझे अच्छा नहीं लगता। उनके पास बतियाने,समय ना होमुझे अच्छा नहीं लगता,उन्हें छोड़ दूर बस जाएँख्वाबों में बसे सिर्फ रिश्ते,मुझे अच्छा नहीं … Read more

पतंग की सीख

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** जीवित रहने तक,शिखर पर पहुंचनेकी राह हमें तय,कराती हैपतंग की उधम,हमें ज़िन्दगी मेंआगे बढ़ने की,तरकीब हमेंसिखाती है। जीवन में शीर्ष को छूने,अपने को नियंत्रितकरने की सीख,पतंग की हर उड़ान सेहमें दे जाती है,पतंग की डोरस्वयं को नियंत्रित रखने के,दुर्लभ गुणों सेहमें परिचित कराती है। चुनौतियों का सामना करना,यह पतंग का खेलहमें जीवन भर,हृदय से … Read more

हिन्दी का सम्मान करें

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** ले मशाल हाथों में मिलकर शुरू एक अभियान करें।अपनी राजभाषा हिंदी का दिल से हम सम्मान करें। हिंदी है पहचान देश की हिंदी ही है माँ अपनी,हिंदी के उत्थान के लिए दे सकते हैं जाँ अपनी।यही सभ्यता और संस्कृति इसका हम गुणगान करें,ले मशाल हाथों में…॥ संस्कृत से निसृत हिन्दी सारी … Read more

प्रवासी भारतीय और विश्व संस्कृति

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ९ जनवरी को भारत में ‘भारतीय प्रवासी दिवस’ मनाया जाता है,लेकिन आज इसे लेकर देश में ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दी,क्योंकि एक तो नेता लोग चुनाव-अभियान में व्यस्त हैं और दूसरा कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल भी प्रवासी सम्मेलन नहीं हो पाया था। इस महान संस्था की नींव प्रधानमंत्री अटलबिहारी … Read more

करना है अब कर्म नव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* गाओ मंगलगीत सब,मन में भरकर जोश।करना है अब कर्म नव,कायम रखकर होश॥कायम रखकर होश,नवल की जय-जय बोलो।शुरू करो नव काम,नया इक पन्ना खोलो॥नया रचे उत्थान,नए पथ पर बढ़ जाओ।आया नूतन वर्ष,खुशी से चीखो,गाओ॥ परिचय–प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे का वर्तमान बसेरा मंडला(मप्र) में है,जबकि स्थायी निवास ज़िला-अशोक नगर में हैL आपका जन्म … Read more

परीक्षा की भी कर लो तैयारी

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** आओ मिलकर बात करें,अपने मन को साफ करेंनहीं हो रही हमारी परीक्षा,कारण भी थोड़ा ज्ञात करें। मैं हूँ जैक का विद्यार्थी,सभी विधार्थी मेरे साथीदिसंबर में टर्म-१ की थी बात,जनवरी में लगता दूर है साथ। आगे आ गया है ‘कोरोना’,मुझे भी आ रहा है रोनारोते-रोते दोषी को जान लूँ,करोना या सरकार … Read more

न रोको…आँसू

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रचना शिल्प:विधाता छँद -१२२२ १२२२ १२२२ १२२२… कहो कुछ भी रखो कुछ नाम पर है जात पानी का,सहे तन चोट को,सहता नहीं आघात पानी का। कहो आँसू इसे या नैन जल या अश्क़ ये ही है,रहे आतुर छलकने वेदना बन गात पानी का। लबालब नेत्र सागर में भरा,ताकत बहुत इसकी,हिला देता सिंहासन … Read more

खुद जागना और दूसरों को जगाना चाहिए

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** मुद्दा महात्मा गांधी के वैचारिक हनन का…. महात्मा गांधी अगर महात्मा गांधी थे तो अपने विचारों और चिंतन के कारण। अगर महात्मा गांधी जी की हत्या न होती तो भी वे कब तक जीते ?, लेकिन उनके विचार विश्व की अनमोल धरोहर हैं। अपने विचारों के कारण वे हजारों साल तक … Read more