नानक नाम जहाज…

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** नानक नाम जहाज है…ननकाना के हैं यह भगवान,उन्नत भाव है दिखता अभिमानननकाना है उत्तम जग भाया,करतारपुर है अन्तिम छाया।यह दर्शन है उन्नत सह पावन,हर्षित कर देता है यह दिल और अन्तर्मन।गुरु नानक देव की थी यह अंतिम साँस,कहलाती है जो सर्वोत्तम अरदास।रावी तट है पावन और सुंदरसिक्खों के हैं पीर समन्दर।अंग्रेजों की एक भूल … Read more

दूर के सुहाने ढोल

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** धूमकेतु पर रखते लगाम,निहारिकाएं नयनाभिराम।ऊपर से मुग्ध करे,अंदर से उथल-पुथलइस शालीन शांति में,मायावी गुम हलचल।एक शक्ति से सभी बंधे हैं,चलते रहते सतत अविराम।तारों का यह उपद्रव,उल्काओं का उत्पातसूरज का यह विप्लव,ये चाँद का आघात।ज्वाला की वर्षा करना,बस एक यही तो इनका काम।उधमी उधम राशियाँ,सभी हड़कंप मचातेदूर के सुहाने ढोल,हड़काते,कंपाते।नहीं चाहिए चाँद-सितारे,वहाँ सुबह … Read more

ईश्वर से बड़ी माँ इसलिए…

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** माँ तेरी पूजा मैं करता हूँ,हर पल याद तुम्हें करता हूँमाँ जिसपे होती है तेरी कृपा,वही बेटा जग नायक बनता हैमत तुम भूलो दुनिया वालों,जिसने ईश्वर को जन्म दियामाँ से बड़ा ना कोई है दूजा।ईश्वर से बड़ी माँ इसलिए होती है,ईश्वर से बड़ी माँ इसलिए होती है॥

तेरा-मेरा साथ

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** मिले साथ तेरा जो कान्हा,जीवन यह पावन हो जायेछूटे जनम-मरण का बंधन,चरणों को तेरे छू जो पाये। राधा और सुदामा जैसे ही,हो जाये गर तेरा-मेरा साथमीरा जैसी भक्ति करे मन,सिर पर मेरे प्रभु तेरा हाथमेरी चाहत पूरी करना तुम,मन को बस मनमोहन भाये। दे दो ऐसा ज्ञान हे गिरधर,लोभ-मोह के बंधन सब टूटेभव … Read more

मीरा थी बस श्याम दिवानी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* गीतों में मीरा का गायन,वंदन-अभिनंदन है।मीरा थी बस श्याम-दिवानी,जिसका अभिवंदन है॥ धारण कर बैरागी चोला,मंदिर किया बसेराबनकर के बैरागिन जिसने,पाया धवल सबेरा।लगा हुआजिसके माथे पर,अहसासों का चंदन है,मीरा थी बस श्याम-दिवानी,जिसका अभिवंदन है॥ बना हलाहल अमिय निमिष में,श्याम-राग रंग लायापहन गेरुआ वसन हर्ष से,जिसने भाव दिखाया।उस मीरा का नाम प्रेम,जो … Read more

सुनहरी धूप

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** हौले-हौले गुनगुनी धूप,शरदाकुल प्यारा लगती है।करे ऊष्म जगत नित शिथिल गात्र,आलस तनु ऊर्जा भरती है। पूर्णिमा धवल महिना कार्तिक,सर्दी से धरा ठिठुरती है।सुनहरी धूप आनन्दित जग,कुसुमाकर सुरभि महकती है। गुनगुनी धूप राहत जीवन,बिन गेह वसन पथ रहती है।कम्पायमान ठिठुरती तन-मन,करुणामयी धूप सहजती है। अरुणिम प्रभात बाहर सब जन,मुस्कान किरण … Read more

मन के मनके एक सौ आठ

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* रचना का हस्ताक्षर-भाग २ (स्वप्न में विचरते बेबस कवि व ईमानदार आलोचक के बीच हो रहे संवाद का अगला अंश…) कविवर थे जो मनमौजी। उन्हें तो कवि बन छा जाने की फ़िक्र ज़्यादा थी,साथ ही मान-सम्मान की तीव्र लालसा धन प्राप्ति के लिए भी। उनका अपना बाल-बच्चों सहित साधारण आकांक्षाओं से … Read more

पाक:राष्ट्र के आधार के तौर पर मजहब नाकाम

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* टी-२० विश्व कप क्रिकेट खेल में पहले भारत हारा और अब पाकिस्तान भी हार गया। भारत, पाकिस्तान से हारा था और पाकिस्तान आस्ट्रेलिया से हार गया। अब देखिए कि दोनों देशों ने अपनी-अपनी हार को कैसे लिया ? भारत हारा तो हमारे कुछ मुसलमान जवानों को इसलिए गिरफ्तार करने की आवाजें उठने … Read more

अनछुआ-सा कुछ

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* रीता-रीता सा मन,द्वन्द्व में चलता मनछलकते से नयन,मस्तिष्क करता मनन। चाहकर पाकर भी,अनछुआ-सा कुछ।बहुत कुछ बयां करता,धड़कता-सा दिल॥ परिचय–उत्तराखण्ड के जिले ऊधम सिंह नगर में डॉ. पूनम अरोरा स्थाई रुप से बसी हुई हैं। इनका जन्म २२ अगस्त १९६७ को रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में हुआ है। शिक्षा- एम.ए.,एम.एड. एवं … Read more

यात्रा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************** अनजानी गर हो डगर,यात्रा क्या आसान।सोच-समझ पग धारिए,मंजिल को पहचान॥मंजिल को पहचान,भटकना नहीं पड़ेगा।साथी मेरे यार,जमाना साथ चलेगा॥कहे ‘विनायक राज’,नहीं करना मनमानी।एक नहीं तुम साथ,चलो जग है अनजानी॥