दुनिया को असली भारत की पहचान कराई विवेकानन्द जी ने

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** माता काली जी के अनन्य उपासक,सन्त श्री रामकृष्ण परमहंसजी के प्रिय शिष्य,स्वामी विवेकानन्द जी को शत-शत नमन। सभी जानते हैं कि,स्वामीजी ने साधु बनकर दुनिया को असली भारत,यहां की संस्कृति और सभ्यता की पहचान कराई थी। कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी ने अपनी जिज्ञासा के चलते ईश्‍वर को समझने व सनातन … Read more

पेट्रोल-डीजल में और आग लगनी चाहिए!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** आजकल मूल समस्या से भटकाने का एक सूत्र-बड़ी समस्या खड़ी कर दो। जैसे सरकार एक क्षेत्र में सफल हो गई है तो उससे मंत्रमुग्ध होकर दूसरी विफलता को सामने रख देना,जैसे-हाथी पाँव में सब पाँव समाँ जाते हैं,उसी प्रकार पेट्रोल-डीजल के दाम का कारण विश्वव्यापी समस्या का नाम बताकर दाम बढ़ाओ। सरकार यह … Read more

आधुनिक जीवन में विज्ञान

सुजीत जायसवाल ‘जीत’कौशाम्बी-प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)******************************************* विज्ञान जगत ने दिया है हमको नित नव आविष्कार,अब देश-विदेश,गली,बाजारों में समृद्ध हुआ व्यापारमोबाइल,इंटरनेट,कम्प्यूटर,चलचित्र है घर-घर पहुंचा,मनोरंजन,सुख-सुविधा का सपना प्रयत्न से हुआ साकार। प्रिय से प्रिया नित बात करे,बातों मे कटे पूरी रतिया,लैपटॉप में व्यस्त हुए भैया,वो सुने न किसी की बतियादेश की रक्षा में सदा सतर्क,बॉर्डर पर भारतीय जवान,बूढ़ी माँ … Read more

भारत माता और कवि

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* लिख रहा आज मैं कविता,सपने की एक कहानी,भारत माता रो-रो कर,आँखों भर लाई पानी। भारत माता ने पूछा,खोया सुख वैभव सारा,गलियों में क्यों चिंगारी,सड़कों पर क्यों अंगारा। धीरज रख मैया मेरी,वह समय शीघ्र आएगा,सारी दुनिया का फिर से,भारत गुरु कहलाएगा। विश्वास करो माँ कवि का,वैभव अवश्य आएगा,मतलब कुनबे का जग को,भारत … Read more

जहाँ एहसास,वहाँ सावन

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** झड़ी लगती नहीं तो क्या,कभी होगा नहीं सावन,खिजाँ हरदम कहाँ थमती,कभी तो आएगा सावन। छुआ शब्दों न पूछ ऐसा,लगे स्पर्श मुझे सावन,जहाँ एहसास भीगे मन,भरे पतझड़ वहाँ सावन। रवानी शब्द की ऐसे,बने अल्हड़ नदी सावन,तराशे तुम बना हीरा,अगढ़ पत्थर पड़ा सावन। दरारें मौन की मिट्टी,बहाती प्रीत भरी सावन,सुनो दिल दरकते कच्चे,बहे दीवार भी … Read more

खिली-खिली तबीयत है

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************** दिनकर ने शोले बरसाए पर अब तो राहत है।बहुत दिनों के बाद सभी की खिली-खिली तबियत है॥ ताल-तलैयां रीत गए थे,नदियां भी थीं सूखीबुझा-बुझा मन रहता था,और काया भी थी रूखी। बारिश की बूँदों से पर अब हर उर आनंदित है,बहुत दिनों के बाद सभी की खिली-खिली तबियत है…॥ कंठ … Read more

हमेशा नहीं रहने वाली

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** हमेशा नहीं रहने वालीये देह कमरा किराए का,आँसू भी तेरे खुद कहां-अपना ही कोई रुलाएगा। माटी की देह को मेरीख़ाक अपना ही मिलाएगा,चिंता करूं मैं किसकी यहां,जो मुझको ही आग लगाएगा! है ख़ुदा की रहमत हम परजो गहरी नींद सुलाएगा,मोजों की रवानी जन्नत के-ख्वाब हकीकत बनाएगा। दर्द दिए जो जमाने भर नेगर्त … Read more

नया सवेरा आएगा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** रचना शिल्प:मात्राभार-३०,यति-१६-१४,पदांत-२२२ कोरोना की बीमारी का,शीघ्र अंत हो जाएगा।दु:ख की काली घटा छँटेगी,नया सवेरा आएगा॥ भुगता है बीते वर्षों से,इसने डेरा डाला है।अब भी इसके रूप निराले,समग्र जग को घेरा है॥प्रभावशाली टीके से अब,यह कोरोना हारेगा।दु:ख की काली घटा छँटेगी,नया सवेरा आएगा॥ कोरोना की बीमारी का,शीघ्र अंत हो जाएगा।दु:ख की काली … Read more

सच्चे अच्छे हैं

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** दिलके आँगन मेंकुछ तो बातें हैं,जिसमें कभी खुशीतो कभी गम है,इन गमों को दूरकरने को दोस्त होते हैं,जो स्नेह-प्यार सेदु:ख-दर्द हर लेते हैं। कुछ तो है तुम्हारीबेचैनी का राज,जो तुम्हारे चेहरेपर झलक रहा है,हम से कहो तुमअपने दिल की बात,ताकि तुम्हारे चेहरे कीउदासी को मिटा सकें। अपने दिल पर तुमपरते मत जमाओ,दिल … Read more

भविष्य निर्माता उत्पीड़न व शोषण के शिकार

वन्दना शर्मा’वृन्दा’अजमेर (राजस्थान) ***************************************** निजी विद्यालयों में भारतवर्ष का ७० फीसदी से अधिक भविष्य तैयार हो रहा है और उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है निजी शिक्षक। निजी विद्यालय खोलने वाले भी अच्छे पूंजीपति वर्ग होते हैं,और उसमें पढ़ने वाले बच्चे भी मोटे पूंजीपतियों के होते हैं और मोटी मोटी होती है इन शालाओं की फीस,मगर … Read more