पिता को नमन

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** पिता सदा पालक हैं। घर के संचालक हैं। सदा पितृ छाया में, जीवन बनाइये॥ पिता जीवन की आन। पिता ही घर की शान। पिता का नाम सदा, ऊँचा उठाइये॥ पिता से घर पोषित है। पिता से सुरक्षित है। पिता से ही ज्ञान पाय, जीवन बढ़ाइए॥ पिता से ही प्यार मिले। … Read more

जिंदगी का सफर

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मिला है मनुष्य जीवन, जीने का मौका हमें। तो सफर कर रहे हैं, जिंदगी को जीने का। तो क्यों ना इसे हम, आप साकार बनाएं। और इस जीवन को, कल्याण करने में लगाएं॥ धर्म के साथ जीने का, फल अच्छा मिलता है। मैं नहीं कहता ऐसा, इतिहास के पन्नों में मिलता … Read more

जीवन

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** जोड़े से फिर ना जुड़े , मत तोड़ो विश्वास। टूटे तो यह आप भी, तोड़े जीवन आस॥ मधुर बोल हँसते सुमन, कटु है सूखी काठ। मधुर बोल से नेह हो, कटु से लगती गाँठ॥ कल का जीना कुछ नहीं, कल का जीना खाक। जीना तो है आज का, जो है … Read more

बोले जो सच बोल

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* बुराई की जड़ जाने,इच्छा भ्रम व द्वेष। जो इससे बचकर रहे,कष्ट न होता लेश॥ चुप हो कर्म करे सदा,व्यर्थ न करे विवाद। भले आज जो कोसते,कल फिर देंगे दाद॥ भय जिनको होता नहीं,होता है मन शुद्ध। राही जो परमार्थ के,वो ही बनते बुद्ध॥ दमन बुराई का करे,बोले जो सच … Read more

बूंदें जीवन की सौगात

अलका जैन इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** प्यास बुझाने को व्याकुल सावन की बूंदें, समंदर में जज्बा कहाँ प्यास बुझाने का यार रिश्तेदारों… बूंद-बूंद बारिश की बूंदें, बूंदों की बदौलत जीवन की सौगात पाई हमने… ज़मीं पर जल जीवन लिया यार रिश्तेदारों। आसमां के बुलावे पर जब-जब श्वेत वस्त्र धारण कर ऊपर पहुँची, दुनिया पुकार उठी बादल-बादल याद … Read more

बसे हो मेरी यादों में…!

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* मेरे बाबा ! हूँ तुमसे दूर जरूर फिर भी बसे हो मेरी यादों में। दिया जन्म, माँ ने जरूर पर ममता तो उड़ेली तुमने ही, पहला कदम चलना भी सिखाया था तुम्हीं ने, छुप-छुपकर मेरी बातों को सुन मन-ही-मन मुस्कुराना तुम्हारा, जब देखो मेरे ही किस्सों को दोहराना, न … Read more

बस,काम से काम रखो

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** आँखों में अक्सर अपने तूफान रखो, यहाँ सिर्फ अपने काम से काम रखो। दिल से नफरतें बाहर निकाल फेंको, तुम दिल में प्यार-मोहब्बत तमाम रखो। कोशिशें करते रहो आखिरी साँस तक, गिर कर उठना हर बार है ये जान रखो। ये मत सोचों चार लोग क्या सोचेंगें, अपनी सोच को … Read more

विश्व तुम्हारा करता वंदन

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’  इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************************** शाक्यवंश में जन्म लिया था, सुख से जीवन खूब जिया था वैभव पूर्ण सुखी जीवन को, क्यों तुमने धिक्कार दिया था ? यशोधरा की प्रीत को छोड़ा, राहुल पुत्र से नाता तोड़ा निकल पड़े तुम किस तलाश में, राजधर्म से क्यों मुख मोड़ा। उमड़ पड़ी थी मन में … Read more

विकास के लिये पर्यावरण की उपेक्षा कब तक ?

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज समग्र मनुष्य जाति पर्यावरण के बढ़ते असंतुलन से संत्रस्त है। इधर तेज रफ्तार से बढ़ती दुनिया की आबादी,तो दूसरी तरफ तीव्र गति से घट रहे प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत। समूचे प्राणि जगत के सामने अस्तित्व की सुरक्षा का महान संकट है। पिछले लम्बे समय से ऐसा महसूस किया जा रहा है … Read more

रणछोड़

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** संस्कार,मर्यादा,वचन सब उस समय स्वाह हो जाते हैं,जब सात जन्मों तक साथ निभाने वाली पत्नी छोटी से छोटी समस्या पर भी अपने माँ-बाप,भाई-बहन का साथ देने के लिए पति का साथ छोड़ देती है…. राधा रमण विवाह-विच्छेद (तलाक) की सूचना (नोटिस) को घूरते हुए सोच रहा था। … Read more