पिता को नमन
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** पिता सदा पालक हैं। घर के संचालक हैं। सदा पितृ छाया में, जीवन बनाइये॥ पिता जीवन की आन। पिता ही घर की शान। पिता का नाम सदा, ऊँचा उठाइये॥ पिता से घर पोषित है। पिता से सुरक्षित है। पिता से ही ज्ञान पाय, जीवन बढ़ाइए॥ पिता से ही प्यार मिले। … Read more