हौंसला

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* अब दुर्गम मार्गों पर बढ़ चले हैं पांव मेरे, कठिन है यह राह इतनी थक गए हैं पांव मेरे। इस सूने रास्ते में याद कल की आ रही है, व्यर्थ में जीवन गंवाया पानी-सा मैं धन बहाया, याद जब आती है उसकी कांपते हैं पांव मेरे। दूर है मंज़िल मेरी, पर … Read more

गले मिलो प्रेम संग

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* नई साल आती रहे,मन में हो शुभ भाव, करते शुभकामना,सभी हम प्यार से। भारत धर्म संस्कृति,आए न कोई विकृति, मन में गुमान रख,रहना संस्कार से। बार-बार प्रयास हो,परिश्रम विश्वास हो, लक्ष्य पर हो निगाह,डरो नहीं हार से। शीतल स्वभाव रख,सफलता स्वाद चख, गर्म लोह कट जाए,शीतल प्रहार से। पंख लगते वक्त … Read more

नए लेखकों को स्पर्धा में जीतने का विशेष अवसर

इंदौर। आदरणीय रचनाशिल्पी मित्रों,सादर नमस्कार। आपको बताते हुए बड़ा हर्ष है कि आपके अपने सक्रिय और लोकप्रिय हिंदीभाषा डॉट कॉम (पोर्टल) से जुड़े सभी रचना शिल्पियों(पंजीकृत सदस्य)और नवांकुरों के लिए भी ३ स्पर्धा से मिले उत्साह और प्रतिसाद अनुसार अब दूसरे वर्ष में दूसरी स्पर्धा कराने का निर्णय हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा लिया गया … Read more

दार्शनिक की पाठशाला और मैं

जितेंद्र शिवहरे इन्दौर(मध्य प्रदेश) ********************************************************************* जीवन को भली-भांति जानने और समझने के लिए मुझे एक दार्शनिक की कक्षा में कुछ समय बिताने का सौभाग्य मिला। उन्होंने मेरी मुख मुद्रा को भांप कर पहले मुझसे ही भरी महफिल में सवाल किया-“बेटे! तुम्हारे अनुसार जीवन क्या है ?” मैं चौंका। पहला ही प्रश्न मुझसे पूछकर उन आदरणीय … Read more

अवध नादां हुआ

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** जब बुरा-सा वक्त मुझ पर दिल से मेहरबांं हुआ, तब सदा मेरा पराया मेरा खानदान हुआ। स्वार्थ की टेढ़ी तुला पर तौलकर फेंका गया, बस सभी के वास्ते बेमोल का सामांं हुआ। दान की बछिया भला पाली गई कब नेह से! छीनकर मत को हमेशा नाम मत का दान हुआ। … Read more

कटुवचन

श्रीमती पुष्पा शर्मा ‘कुसुम’ अजमेर(राजस्थान) **************************************************** मानव को मिला वाणी का वरदान। सधते उसी से संसार के व्यवहार। ज्ञान विज्ञान मनोरंजन, सभी तो जुड़े हैं वाणी के सूक्ष्म तंतु से। मानव मन पर करती राज्य, संतों की अमृतमय वाणी। हरती दुःख-क्लेश देती शाश्वत शान्ति। ठीक उलटा, कटुवचन प्रभाव पल में भरता मन में द्वेष-भाव, पनपता … Read more

सहज बुनियाद हिलती है

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचना शिल्प:१२२२ १२२२ १२२२ १२२२) कठिन श्रम से सफलता शीघ्र सबको हाथ लगती है, लगाओ जोर दम भरके,सहज बुनियाद हिलती है। कमाओ लाख धन चाहे,महल मोटर बनाओ तुम, न दे ये काम, जीवन की कभी जब शाम ढलती है। निकट जब बाल बच्चे हों,मजा तब नौकरी में है, अगर … Read more

झूठ-फरेब का दौर

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* खत्म हुआ वक़्त इंसानियत का,झूठ-फरेब का चला दौर है, सच्चाई को दबाने को,झूठी खबरों का सोशल साइट पर शोर है। अपनी गलती ढंकने को लोग,दूसरों पर झूठे इल्जाम लगाते हैं, घर की बहन-बेटियों को,हथियार बनाने से भी नहीं कतराते हैं। जिस थाली में खाया उसी में छेद,फिर दूसरों को साँप … Read more

कस्तूरबा गांधी पर डाॅ.जोशी ने लिखा शोध ग्रंथ,डेढ शती वर्ष में होगा प्रकाशन

उज्जैन। ११ अप्रैल १८६९ को जन्मी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का यह डेढ़ सौवां जन्मशती वर्ष है,जो ११ अप्रैल से आरंभ होकर १० अप्रैल २०२० तक चलेगा। इस दौरान उन्हें समारोह पूर्वक याद करके उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक प्रयास उज्जैन के वरिष्ठ लेखक-पत्रकार डाॅ.देवेन्द्र जोशी ने कस्तूरबा … Read more

प्यार की जमना है माँ

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** मेरी माँ, ज्ञान की गंगा है प्यार की जमना है। सपनों की गुल्लक है, यादों का गहना है माँ हमारी दोस्त,सहेली और बहना हैl थपकी है प्यार भरी,लोरी की सरगम है, आस्था की भोर नई माँ,श्रद्धा की पूनम है। माँ हमारी सबसे प्यारी सुन्दर और भोली-भाली, बाँहों का झूला है,आँचल … Read more