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भारत की बेटी – झाँसी की रानी

कुमारी ऋतंभरा
मुजफ्फरपुर (बिहार)
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हाथ में तलवार, रूप माँ काली का अवतार, घोड़े पर सवार,
सूरज से चेहरे पर प्रकाश लिए
भारत की बेटी, नाना की थी प्यारी,
देश की आज़ादी मन में, जीत का जुनून लिए
ऐसी दीवानी की कहानी तो गजब थी।

बहन-नाना की प्यारी थी,
मोरोपंत के घर की दुलारी थी
झाँसी की वो रानी प्रतापी थी,
जिसके हाथों में तलवार की कहानी गजब थी।

घर की जिम्मेदारी हो या पति की परेशानी,
स्वाभिमान की खातिर जो आधी रात को
मंदिर पर चढ़कर झंडा फहराने वाली,
मनु की कहानी गजब थी।
घर-घर जन्मे, बेटी एक ऐसी हो,
तब देश की रवानी गजब होगी॥