माँ

स्वीटी गोस्वामी भार्गव
आगरा(उत्तर प्रदेश)

*************************************************

मातृ दिवस विशेष…………………………………..

`माँ`
बोलने में बहुत छोटा-सा शब्द है,
लेकिन माँ तुझमें ही तो सारा
ब्रह्माण्ड समाया है,
मैं क्या जानूं राम-कृष्ण
नानक या किसी ईश को,
हर कोई ईश्वर तेरे अंदर ही
पहले रहा नन्हा जीव बनकर,
फिर शिशु रूप में वो परमात्मा भी
तेरे द्वारा ही तो मेरे सामने आया है,
जी चाहता है तुझ पर लिखूँ इतना
क़ि ये सारा नीला-नीला अम्बर भी
माँ,माँ,माँ,माँ,माँ,माँ,माँ,
बस माँ तेरे नाम से इस अम्बर को
भर जाऊं,
सारे सागर के जल को बनाऊँ स्याही
और तीनों लोक में बस तुझको ही
रच जाऊं,
लेकिन सामर्थ्य नहीं मुझमें इतनी माँ
क़ि तेरे लिए में शब्द में और सुंदर शब्द
ढूंढ सकूँ तुझसे है सृष्टि,
तुझको शब्दों में कैसे लिख जाऊं
तेरा ऋण नहीं चुकेगा मुझसे इस
जन्म में,
चाहे मैं कितने ही जतन कर जाऊं
माँ भगवन मिले न मिले मुझे,
लेकिन हर जनम में तुझको पाऊंl

परिचय- स्वीटी गोस्वामी भार्गव का शहर-जिला आगरा(उत्तर प्रदेश)है। वर्तमान में आप आगरा स्थित काना पटेली में निवासरत हैं। परास्नातक(हिंदी एवं संस्कृत) तक शिक्षित श्रीमती भार्गव हिंदी अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। लिखना आपका शौक है। लेखन विधा-गद्य एवं पद्य है। १६ वर्ष से हिंदी के साथ आप संस्कृत भी पढ़ा रही हैं। माँ सरस्वती की कृपा से आप आकाशवाणी में कविता वाचन कर चुकी हैं। भिन्न-भिन्न समाचार पत्रों में रचना प्रकाशन हो चुका है। आपको एक प्रकाशन से काव्य गौरव और मानवता रत्न सम्मान-पत्र के साथ ही महफ़िल-ए-गजल साहित्य समागम सम्मान-पत्र और शतकवीर सम्मान-पत्र भी प्राप्त हुआ है। श्रीमती भार्गव की लेखनी का उद्देश्य हिंदी को प्रचारित करना और महिला चेतना फैलाना है।

Hits: 69

आपकी प्रतिक्रिया दें.