चूम के वो मंजिलों को…
भानु शर्मा ‘रंज’ धौलपुर(राजस्थान) ***************************************************************** चूम के वो मंजिलों को,पाँव वसुधा पर नहीं, आदमी बदला कि जैसे,वक्त का भी डर नहीं। जी रहा वो जिंदगी यों,खो असल निज नाम को, मंजिलेें तो मिल गयी पर,भूल बैठा धाम को। बीज जीवन की धरा पर,कर्म का वो बो गया, पा सभी फल को मगर,जीत को वो खो … Read more