वो जीवन था बड़ा सलोना

आशीष प्रेम ‘शंकर’मधुबनी(बिहार)********************************************************************** वो जीवन था बड़ा सलोना,गुड़िया रानी खेल-खिलौनाजीवन चक्र बड़ा ही निर्मम,करते थे जब सब मनमाना। कभी रूठना,फिर उठ जाना,वैदेही-सा जीवन झरनाजिसे न थी चिंता एक पल भी,अब चिंता ही जीना-मरना। माँ के हाथ से भोजन खाना,पिता के कंधों पर इठलानामन था निर्मल गंगा जैसा,भेदभाव मुक्त था आना-जाना। बड़े-बड़े पैसे वाले थे पर,समझ … Read more

राह पथरीली बहुत थी,फिर भी हम चलते रहे–प्रो. खरे

कवि गोष्ठी मंडला(मप्र)। डॉ. रामनिवास ‘इंडिया’ की अध्यक्षता,डॉ. राजीव पांडेय के मुख्य आतिथ्य व डॉ.रामप्रकाश’ पथिक’ के विशिष्ट आतिथ्य में अखिल भारतीय साहित्य सदन (दिल्ली) की ऑनलाइन कवि गोष्ठी हुई।इसमें सुपरिचित कवि प्रो.शरद नारायण खरे की ग़ज़ल-‘राह पथरीली बहुत थी फिर भी हम चलते रहे…’ को ज़बरदस्त सराहना मिली।जानकारी के अनुसार इस गोष्ठी का सरस … Read more

वे भारत माँ के लाल

मोहित जागेटियाभीलवाड़ा(राजस्थान)******************************************************************** इस मिट्टी में अपनालहू ले कर चलते हैं,मातृभूमि पर प्राणन्यौछावर कर देते हैं,वो भारत माँ के लालघर-परिवार छोड़ करदेश साथ रखते हैं।मिटा देते ख़ुद को,तिरंगे की आन के लिएकफ़न तिरंगा हो,वो ये ख़्वाब ले कर चलते हैं।न सोचते,आगे-पीछे क्या होगा ?देश के लिए जीतेदेश के लिए ख़ुद को मिटाते,सीमा पर हर पल तैयार … Read more

बैंड-बाजा बिन बारात

डाॅ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’ नागपुर(महाराष्ट्र) ********************************************************************** आओ मैं,हाल सुनाता कोरोना काल के,दूल्हे का…ना नाच न,गाना बैंड-बाजा,बारात,बिन दूल्हे का। छठें रहते बाराती भी,बारात में बच्चे-बूढ़े रहते,नदारद कोरोना में,बाराती भी चलते,ढीले-ढाले से,जोश-उमंग नजर,नहीं आता दूल्हे में। दूल्हा पैदल चलते,सोच रहा मैंने जाने,कौन-सा पाप किया!शादी में मेरी,कोरोना आया,घोड़ी चढ़ना भी,हिस्से नहीं आया। लोग शादी के,समय भी मेरी,मुझसे ‘सामाजिक … Read more

काट डालेंगें,अगर भूली मर्यादा

आरती जैनडूंगरपुर (राजस्थान)********************************************* भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… कोरोना का जनक,है चीनइरादों से कितना है,छोटा और हीनlभारत की जमीन है पाक,संभल वरना…आँख के साथ,छोटी हो जाएगी तेरी नाकlमत बिगाड़ अपनी नजर,मेरे वीर सैनिकसीमा पर,खड़े हैं हर पहरlभारत है शांति का दूत,प्रेम से समझ वरना,भारत को आता हैउतारना भूतlखाते हो तुम चमगादड़,उल्टे पैर भागोगेजब,भारत … Read more

भारत-चीन के बिगड़ते रिश्ते और हमारी आत्मनिर्भरता

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… गलवन घाटी की घटना के बाद चीन को भारत कभी माफ नहीं करेगा। आज पूरा विश्व इस बात को समझ रहा है कि चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन भारत की जमीन पर कब्जा करना चाहता है। ऐसी हरकत वह कई … Read more

बेईमान चीन

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************************************ भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… अहिंसा-धर्म का अनुयायी-कहते हो तुम चीन,कम्युनिस्ट नीति के धारक होविश्व में हो तुम नामचिन!नकली सामान बनाने में,माहिर हो तुम,दुनिया में!प्राणी मारने वाला विषाणु फैलाकर-विश्व में आतंक मचाने वाला होकर,गर्व से कहते हो,तुम साम्यवादी ?अहिंसा के पुजारी!विशाल जनसंख्या वाले भूखे मरोगे तुम,यदि भारत भी ना … Read more

न चल पाएगी ये मक्कारी

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’बरेली(उत्तर प्रदेश)********************************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… चीन की देखो ये मक्कारी,भारत से रिश्तों को,भुना रहा व्यापारी।उसी की ये योजना है सारी॥ १९८१ से बना रहा था ये विषाणु,विश्व विनाशक ‘कोरोना’ महामारी।वुहान में खत्म कर दीन जन को,विश्व शक्ति पाने की,की तैयारी॥ वरना सोचो थम गई चीन में,फैली विश्व में … Read more

उठो देश के वीर जवानों

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… उठो देश के वीर जवानोंड्रेगन का संहार करो।धोखेबाजी करता है जोवैसा ही व्यवहार करो॥ बहुत सह लिया अब तक हमनेअब उसका प्रतिकार करो।बनो आत्मनिर्भर स्वयं अबचीन का बहिष्कार करो॥ हिंदी-चीनी भाई-भाईयह नारा तो धोखा है।कायरता की हदें लांघ दीछुरा पीठ में घोंपा है॥ बहुत … Read more

सबक सिखाएंगे

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष……   वीरों का बलिदान व्यर्थ नजाए,अब हम सबक सिखाएंगेसंबंधों में पडी़ दरारें,कभी नहीं भर पाएंगे।सदियों की ज्वाला में तपकर ,इस माटी में पलकरबलिदान से सबके,भारत मेरा महान है।जिसने पुण्य हिमालय पर,हमला कर आँख तरेरी हैसमझो उसका महानाश है,मौत दे रही फेरी है।तड़प उठी तलवार … Read more