नारी रूप अनेक
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नारी रूप अनेक है, चिन्ता श्रद्धा लाज।नवदुर्गा नवशक्ति बन, नवधा भक्ति समाज॥ शब्द सरल माने गहन, नारी सत्य स्वरूप।अलंकार नवरस गुणी, नारी अर्थ अनूप॥ शब्द एक संजीवनी, मर्यादित मुख भाष।भावों की संचारिणी, प्रीति शक्ति अभिलाष॥ माया सत्य स्वरूपिणी, शब्द बोल अनमोल।त्रिविधा शक्ति व्यंजना, खुशियाँ सुख-दुख घोल॥ गजब शब्द सम्वेदना, … Read more