हुआ दहन, किया था पाप गहन
डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* चोगा संत का पहन,किया पाप था गहन,हुआ अंत में दहन,करें सत्य का वरण॥ चलें धर्म की डगर,जय जीवन समर,कोई नहीं है अमर,रहें ईश की शरण॥ राम नाम है अटल,होता करम सफल,मिट जाएं सब खल,नौका जीवन तरण॥ करो दोषों का वमन,होवे पाप का शमन,सत्य पथ पे गमन,थामें राघव चरण॥ परिचय-पेशे से … Read more