वेदों की वाणी की दुहिता

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** वेदों की वाणी की दुहिताशब्दों का भंडार लिए,तत्सम,सद्भव संग-साथ में-रस-छंदों का प्यार लिए । लोकोक्ति संग सजी पंक्तियाँअलंकार का ज्ञान लिए,लिपि हैं इसकी देवनागरी-उच्चारण को साथ लिए। नवरस से शोभित है हिंदीभावों का संज्ञान लिए,अक्षर-अक्षर बढ़ती जाती-भारत की पहचान लिए। आन-बान और शान देश की,तुलसी की पहचान लिए।राष्ट्र-वंदना करती हिंदी,देवनागरी साथ लिए॥

लेखिका रोचिका शर्मा सम्मानित

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चेन्नई। तेलुगु एवं हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार और ‘चंदा मामा’ पत्रिका के संपादक डॉ. बाल शौरी रेड्डी द्वारा स्थापित तमिलनाडु हिंदी अकादमी का २८ वां स्थापना दिवस चेन्नई स्थित ठक्कर बाप्पा विद्यालय में मनाते हुए महात्मा गाँधी की स्मृति में आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रथम डॉ. बाल शौरी रेड्डी स्मृति सम्मान लेखिका रोचिका … Read more

होनी कभी न टाली जाती

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* झूठ बात कहती यह दुनिया,होनी कभी न टाली जातीश्रम लगन मिथ्या कर देतायुक्ति बुद्धि नहीं खाली जाती। जो लोग हताश पराजित हों,सभी को करते हतोत्साहितपर अपना कर्म किए जाना,आलस से खुशहाली जाती। जो स्वयं का सहयोग करता,कभी चुनौतियों से न डरतासाहस से बाधा को बेधे,तभी बजाई ताली जाती। प्लावन करे विचारामृत से,शुभ … Read more

माँ चंद्रघंटा-३

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** ललाट सुशोभित अर्ध शशि,दश भुजाएं है आयुध धारीतृतीय माँ चंद्रघंटा रणचंडी,आद्यशक्ति, जगकृपाकारी। घंटा नाद गुंजित हो जब-जब,थर-थर कांपे दानव दुराचारीभयहरण करती माँ तब-तब,देती अभयदान माँ उपकारी। तेजोमय मुखड़ा सूर्य से प्रखर,आलौकिक, भव्य, बलधारी।साधकों की सब बाधा हरती,शीतल रम्यता कल्याणकारी। सिंह वाहिनी ज्यों प्रचंड वेगिनी,त्रिलोक के पापी थर-थर थर्राएंमाँ सृजनी, … Read more

साहित्य के शौर्य ‘दिनकर’

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** राम नाम धारी, हिन्दी प्रभारी वो,हिन्दी साहित्य के शौर्य पुरुष वोउदित नवल दिव्य महा सूर्य वो,बेगूसराय सिमरिया जन्म भूमि वोमहा कवि थे, ओज महान वो। आधुनिक काल के राष्ट्र कवि,प्रगतिवाद, राष्ट्रवाद के मुखर कविकुरुक्षेत्र, हाहाकार, हुँकार जाने सभी,साहित्य अकादमी, पदम् विभूषण, ज्ञान पीठ पाए तभीनिर्भीक, स्वतंत्र कवि पाया सांसद … Read more

वंचित के उत्थान का संकल्प बने नए भारत का आधार

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘अन्त्योदय दिवस’ (२५ सितंबर) विशेष… भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक चेतना में सदैव यह विचार रहा है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब समाज का सबसे अंतिम व्यक्ति-वह व्यक्ति जो सबसे अधिक उपेक्षित, वंचित और अभावग्रस्त है, उसके जीवन में भी सुख, सम्मान और समृद्धि का प्रकाश पहुँचे। यही … Read more

वो किरदार हूँ मैं…

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** ना समझने कीकिसी ने कोशिश की,ऐसा चपटा पत्थर हूँ मैं-वो किरदार हूँ मैं…। मुझ पर अनर्गलबहस खूब छिड़ी,फिर भी नाकाम सिद्ध हुई-वो किरदार हूँ मैं…। मेरी नजर मेंसब अच्छा किया,फिर भी गुनहगार साबित किया-वो किरदार हूँ मैं…। मैं तूफानों-सीइच्छा शक्ति रखती हूँअसंख्य विचारों को कैद रखती हूँ-वो किरदार हूँ मैं…। अपनी काबिलियत … Read more

माँ चंद्रघंटा देवी अवतरण

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मातु चन्द्रघंटा शिवा, तृतीय दिवस महान।सिंहवाहिनी चन्द्रिके, महिमा मंडन गान॥ महिषासुर आतंक से, देवलोक भयभीत।देवों ने मांगी मदद, विधि शिव विष्णु विनीत॥ पीड़ कथा सुन देव की, त्रिदेव हुए अतिक्रुद्ध।त्रिदेव तेज उर्जा प्रकट, देवी अनुपम शुद्ध॥ अर्धचन्द्र माँ भाल पर, शुभ घण्टा आकार।माँ चंद्रघण्टा अवतरण,महिषासुर संहार॥ शिव त्रिशूल हरि … Read more

फूलों की बगिया

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उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** वादियाँ ही रंग-बिरंगे फूलों से सजी, महकती सुबह है…,पंछियों की मधुर मीठी तान से वो सुशोभित सी है…। बंद कलियों की भी खुद की अपनी एक मुस्कान है…,सुनहरी धूप में खिलकर अंगड़ाइयाँ लेना भी एक कला है…। जीवन में हार ना मानना, आगे बढ़कर कुछ हासिल करना है…,कलियों से सीख … Read more

नवरात्र पर्व:श्रद्धा, शक्ति, साहस और ज्ञान का प्रतीक

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ प्रतिवर्ष आने वाला नवरात्र पर्व माँ दुर्गा की आराधना के साथ ही आत्मचिंतन और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा का अवसर भी है। माँ दुर्गा के नौ रूप, जिन्हें हम नवदुर्गा या नवरात्र कहते हैं, हर दिन नई चेतना व सामाजिक संदेश लेकर आता है। आज के समाज में व्याप्त चुनौतियों से निपटने … Read more