ख़ुशी
डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* ख़ुशी होती है चुलबुली, तितली-सी होती सही कभी वो फूल-कभी वो डाली, अभी है अभी जो उड़ी। भावनाओं से रहती है जुड़ी, ख़ुशी जो होती है चुलबुली तलाशता है हर मन, ख़ुशी संग हो ख़ुशी। मुस्कुराहट और हँसी, अधरों पर खूब सजती पर आँखों की पुतलियों में, हीरे-सी … Read more