रुक्मणी पूछे सवाल

गीतांजली वार्ष्णेय ‘ गीतू’ बरेली(उत्तर प्रदेश) ************************************************************************* रुक्मणी पूछ रही,कान्हा मेरा प्रेम क्यूँ अधूरा है, मैं अर्धांगनी तेरी,संग राधा को क्यूँ बिठाया है… कान्हा तुझ पर मैंने..तन-मन वारा है… मैं भक्ति तेरी करती,तुझको ही पूजा है… मैं तन हूँ तेरा,मन राधा को क्यूँ बसाया है… रुक्मणी पूछ रही,मेरा प्रेम…ll कान्हा तेरे चरणों की मैं हूँ … Read more

खत्म करना होगा `आरक्षण`

ललित प्रताप सिंह बसंतपुर (उत्तरप्रदेश) ************************************************ आरक्षण शब्द पर अक्सर लोगों में बहस होना आजकल आम बात हैl ये मुद्दा आम जनता का नहीं,अपितु सभी राजनीतिक दलों का भी है,वो लोग जातिवाद के नाम पर मत मांगकर सबकी एकता का बिखराव कर रहे हैं,और हम जैसे लोग उनको अपना मत देकर उन पर विश्वास जता … Read more

इस असंवेदना से ‘अमृताओं’ को कोई फर्क नहीं पड़ता…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** यूँ भोंपूगिरी और काफी हद तक विवेकशून्यता के इस दौर में किसी पात्र लेखक या कवि-कवियित्री की स्मरण सभा में चंद लोग ही पहुंचें और बाकी की निगाहों में यह सवाल तैरे कि मरहूम शख्स कौन था, तो हैरानी की बात नहीं है। पंजाबी की पहली बड़ी कवियित्री और भारतीय साहित्य … Read more

शिक्षक एवं चिकित्सक का फर्ज

पवन गौतम ‘बमूलिया’ बाराँ (राजस्थान) ************************************************************************** शिक्षक दिवस विशेष……… कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक व चिकित्सक महोदय से क्षमा माँगते हुए मत कर फर्ज से गद्दारी, मत कर कर्म से मक्कारी। बड़ी मन्नतों से मिलती है, ऐसी सर्विस प्यारी…। मत कर फर्ज से गद्दारी, मत कर कर्म से मक्कारी। अपने शाला के बच्चों को गुरुवर, मन से खूब … Read more

शिक्षक राष्ट्र निर्माता

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* शिक्षक दिवस विशेष………….. शिक्षक होता भाग्य विधाता, वही राष्ट्र निर्माता है। अन्धतमस में ज्योतिकिरण भी, वही हमें दिखलाता हैll जीवन को देता नई दिशा, राह हमें दिखलाता है। मन से वह अज्ञान मिटाकर, ज्ञान रश्मि फैलाता हैll गुरू बिना कोई ज्ञान नहीं, जीवन सफल न हो पाता। चाणक्य न होते … Read more

यूँ ना सवाल कर

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** उसकी गलती को नजर-अंदाज कर खुदा देख रहा है,तू ना हिसाब कर, हम प्याला हम निवाला हमसफर है वो उसकी नीयत पर,यूँ ना सवाल कर। उदास है वो भी,तुझको रूला कर भूल जा वो लम्हा, साथ मुसकरा कर, जरूरत उसकी अब खुश होने की है बचा ले मोहब्बत,भंवर से निकाल … Read more

प्रतिस्पर्धा नहीं,अनुस्पर्धा करें

प्रिय बच्चों, आप सभी किसी न किसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं,और आगे बढ़ने के लिए आप प्रतिस्पर्धा करते हैं,दूसरों से आगे जाने की होड़ में लगे रहते हैं। आप जीवन में कभी भी प्रतिस्पर्धा नहीं, अनुस्पर्धा करें। जब कभी भी हम प्रतिस्पर्धा करते हैं,तो तनाव होता है और तनाव में किए गए … Read more

हे गजनंदन धारी

कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’ इन्दौर मध्यप्रदेश) ********************************************* जन-जन के तुम मनभावन हो रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, पल-पल तुमको पूजा करते हम सब हिन्दुस्तानी। जीवन की रुत बदला करती और प्रेम की भाषा, अपना सब कुछ अर्पण कर दें इतना दे दो दाता। जन-जन के तुम… माया-मोह का बंधन भी अब नहीं रहे कोई शेष, जीवन बस खुशियों … Read more

गुरू महान…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ शिक्षक दिवस विशेष………. कोटि वंदन- गुरू चरण रज, माथ चंदनl गुरू महान- ब्रम्हा विष्णु महेश, करते ध्यानl कर सम्मान- गुरू के आशीष से, मिलता मानl ज्ञान बढ़ाता- भूले-भटकों को वो, राह बताताl कई प्रमाण- गुरू महिमा गाते, वेद पुराणl परिचय–निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी … Read more

शिक्षक है चंदन

सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** शिक्षक दिवस विशेष ………… जीवन भर स्कूल लगाते, कभी नहीं मन में अलसाते। शिक्षा का प्रसाद बांटते, हर गलती पर हमें डाँटते। आशीषों का आँचल भर के, प्रेम सुधा हम पर बरसाते। सदगुण सज्जन ग्यान प्रकाशक, जनम-जनम के हम जिज्ञासक। चरण कमल निज में हृदय धारे, हम सब बालक तुम्हें पुकारें। … Read more