अपना खयाल रखना

सविता सिंह दास सवि तेजपुर(असम) ************************************************************************* फोन की घंटी बजते ही निक्की रसोई से अपना हाथ पोँछती हुई भाग कर आई “हेल्लो!” हाँफते हुए निक्की ने ने कहा,-अरे इतना हाँफ क्यों रही हो ?” उधर से आवाज आई । “जी कुछ नहीं, किचन से भागकर आई,मुझे लगा आपने ही फोन किया होगा।” कुछ सामान्य होकर निक्की … Read more

कहाँ हो तुम ? आ जाओ न

आशा जाकड़ ‘ मंजरी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *********************************************************** बादल गरज रहे हैं बरस रहे हैं, पर मनवा मेरा सुलग रहा है,कहाँ हो तुम ? आ जाओ न। देखो साँझ हो गई है दीपक जल गये हैं, पर मन तो मेरा बुझा हुआ है,कहाँ हो तुम ? आ जाओ न। चाँद ऊपर हँस रहा है चाँदनी खिलखिला रही … Read more

किसान

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** प्रथम नमन तुमको हे हलधर। हरित किया तुमने ही भूधर। ब्रह्म सरिस तुम भूख मिटाते। ऊसर रज श्रृंगार सजाते। गाय बैल सब सखा निराले। दूध दही से भरते प्याले। बल और बुद्धि शुद्ध बनाते। बादल के तम्बू तन जाते। स्वेद रक्त से बन जब निकले। धरा हरित सोना तब उगले। … Read more

कभी मेला करता रहा होगा गुफ्तगू…

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** रातों को सपनों में मेरे, गाँव कहीं इक आता है… जहाँ ‘कभी यादों का मेला रहा होगा।’ सूना-सूना-सा घट का पनघट, सूनी मन की चारदीवारी धड़कनों का जमघट लगता था, जिनसे ‘मैं गुफ्तगू करता था।’ हर रात चाँदनी की चादर ताने, तारों का मेला लगता था बदली झूला बनती थी, … Read more

जय माता दी

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** माता को नमन कर, चरणों में शीश धर। माता का आशीष पा के, खुशियां मनाइये॥ ज्ञान का भण्डार देगी, खुशियां अपार देगी। सपने साकार कर, जिन्दगी सजाइये॥ माँ तो हंसवाहिनी है, बड़ी कृपा दायनी है। ज्ञान का भण्डार भरे, दर पे तो आइये॥ माता का आशीष मिले, खुशियों के पुष्प … Read more

मेघा बरसे रे…

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** मेघा बरसे रे,जन सब हरसे रे, धरा पर बरसे मेघा रसधार। चले ठंडी बूंदों की फुहार, वसुधा पहने हरियाली का हार। बहारें गा रहीं गीत मल्हार, फिर तू क्यों तरसे रे। मेघा बरसे रे जन सब हरसे रे॥ झम-झम झम-झम बजे संगीत, दादुर भी गा रहे मिलकर गीत। दिखी है अब … Read more

विरह

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** आज दो अश्क नैनों से लिए जाते हो, तन्हा किसके भरोसे यूँ छोड़ आते हो। जब तक था साथ,लबों पर हँसी थी, आज सारी दुनिया में खो गई खुशी थी। क्यों हमें इस तरह गम दिए जाते हो, साँसों की डोर छोड़,कह देते हो। एक प्यार ही तो मांगा था मेरे … Read more

सपनों की दुनिया..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कभी हँसाती- सपनों की दुनिया, कभी रुलातीl कोई रूठता- कोई मझधार में, साथ छोड़ताl कभी उठाती- ख़्वाबों की हक़ीकत, कभी गिरातीl ख़्वाबों में झूली- आज की युवा पीढ़ी, ख़ुद को भूलीl सत्य से दूर- सपनों में उलझा, है मज़बूरl परिचय–निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी … Read more

नयन से नीर

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* ख़ुशी-ख़ुशी जब गले मिले हम, तब भी बहते नयन से नीर। गम में भी तड़पें जो कभी हम, तब भी बहते नयन से नीर। ठंडी-ठंडी हवा चले जब, मन्द-मन्द मुस्काए। दिल में मचलती हैं उमंगें, नयन छलक ही जाएँ। हो मुहब्बत गर हमें उनसे, तड़पें दिन और रात। नयन … Read more

‘सुपर-३०’ बलिहारी गुरु अपने गोविंद दियो बताय

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* फिल्म ‘सुपर-३०’ के लेखक-निर्देशक विकास बहल हैं,तो पटकथा-फरहाद सामजी की है। इसमें अदाकार ऋतिक रोशन,मृनाल ठाकुर, पंकज त्रिपाठी,नन्दिश संधू,आदित्य श्रीवास्तव एवं वीरेंद्र सक्सेना हैं। संगीत-अतुल अजय और जिलियस पैकीयम ने दिया है। फ़िल्म से पहले छोटी चर्चा-दोस्तों, स्कूल के समय में गणित एक ऐसा विषय था,जिसका नाम आते ही जिस्म के … Read more