जज्बात

ममता बैरागी धार(मध्यप्रदेश) ****************************************************************** खेल जाते हैं कुछ लोग, बड़ी ही मासूमियत से किसी की जिंदगी से। भूल जाते हैं ऐसे में वह, क्या गुनाह कर जाते हैं। मुस्करा कर फिर बड़ी शान से कहते हैं, हम पर किया भरोसा तोड़ आते हैं। उन्हें यह दिले हाल पता नहीं होता, तभी तो वह जज्बातों को … Read more

ओम व्यास,बाबा डबराल,श्रीकृष्ण सरल,प्रभाकर श्रोत्रिय,मदन मोहन मालवीय सहित नगर की ५ विभूतियां सदी के सितारों में शामिल

डॉ.देवेन्द्र जोशी की पुस्तक ‘सदी के सितारे’ का हुआ प्रकाशन उज्जैन(मध्यप्रदेश)। देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध उज्जैन की ५ विभूतियों को सदी के २४ सितारों में शुमार होने का गौरव हासिल हुआ है। यह गौरवमयी उपलब्धि वरिष्ठ लेखक और साहित्यकार डॉ.देवेन्द्र जोशी की नई पुस्तक सदी के सितारे के माध्यम से नगर … Read more

अलकनंदा

तृप्ति तोमर  भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* नील रंग लिए बहती अलकनंदा, जैसे खुले आकाश में पंख फैलाने कोई परिंदा। भागीरथी संग मिल बना पवित्र संगम, असंख्य श्रद्धालुओं का होता समागम। अलकनंदा पावन धरती पर पावन नदी का महातम, अनेक पवित्र नदियों का यहां से होता उदगम। यहाँ कई लोगों का जुड़ा है विश्वास, जहां जाने से … Read more

बताओ,अब किधर जाऊँ मैं

कैलाश झा ‘किंकर’ खगड़िया (बिहार) ************************************************************************************ बताओ तुम्हीं अब किधर जाऊँ मैं, चलूँ साथ मंदिर कि घर जाऊँ मैं। गुलाबी हँसी के महाजाल में, कहीं टूटकर ना बिखर जाऊँ मैं। कभी तेरे घर को भी देखूँगा ही, तुम्हारे शहर को अगर जाऊँ मैं। नज़र फेर लेना नहीं तुम कभी, अगर सामने से गुज़र जाऊँ मैं। … Read more

हमारी सोच पर निर्भर करता है-काम छोटा या बड़ा

सत्यम सिंह बघेल लखनऊ (उत्तरप्रदेश) *********************************************************** हमें लगता है कि एक चाय वाला,चालक,दर्जी,किसान,पान की दुकान वाला या फिर जूते पॉलिश करने वाला एक सीमा तक ही सफल हो सकते हैं। वह देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली एक बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकता,किन्तु ऐसा नहीं हैl यदि व्यक्ति सोच ले,ठान ले और दृढ़ संकल्पित हो … Read more

शुचिता की परिभाषा

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** आओ गीत सुनाऊँ तुमको, ‘शुचिता की परिभाषा’ का, मनभावों में पलता है उस,जीवन की अभिलाषा का। इन नयनों में नेह-स्नेह की,बहती निर्मल धारा हो, दीन-दु:खी की पीड़ा का भी,सच्चा दर्द हमारा हो। दया धर्म का भाव हमारे,जीवन का आधार रहे, खुशियों से परिपूरित अपना,सारा ही संसार रहे। हर भूखे को … Read more

नहीं शर्मसार करो

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** रोज़ उसको न बार-बार करो। जो करो काम आर-पार करो। आ के बैठो गरीबखाने में, मेरी दुनिया को मुश्कबार करो। तेरे बिन है खिजाँ-खिजाँ मौसम, आ के मौसम को खुशगवार करो। जब तुझे मिल गया सनम याराँ, अब न आँखों को अश्कबार करो। माँग ली है ‘हमीद’ … Read more

गुलशन

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** महका-महका वो ये गुलशन है। जहाँ फूल खिल जायें वो मन है। जहाँ फूल खिलते खुशबू आती, मेरा दिल का आंगन उपवन है। गंध की फिजाओं में बहार है। प्यार की इस गुलशन में धार है। इस प्रेम की वर्षा से महकता, जीवन सबका आज हर बार है। रिश्तों का प्यारा … Read more

माता-पिता और गुरु

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ माता-पिता ने पैदा किया,पर दिया गुरु ने ज्ञान, लाड़-प्यार दिया दादा-दादी ने। पर गुरु ने दिया अच्छे बुरा का ज्ञान, उठे हृदय में जब भी विकार। तब उन्हें गुरु ने कर दिया शांत, तभी तो कहता हूँ मैं कि आचार्यश्री हैं इस युग के भगवान। गुरु ही साँस और गुरु ही … Read more

चिकित्सा शिक्षा में नैतिक मूल्यों की सार्थक पहल

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* देश में आज चिकित्सक एवं अस्पताल लूट-खसौट,लापरवाही,भ्रष्टाचार,अनैतिकता एवं अमानवीयता में शुमार हो चुके हैं,आए-दिन ऐसे मामले प्रकाश में आते हैं कि अनियमितता एवं लापरवाही के कारण मरीज का इलाज ठीक ढंग से न होने पाने के कारण मरीज की मौत हो गई या उससे गलत वसूली या लूटपाट की गई। सरकारी … Read more