कहते पागल हैं

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* (रचनाशिल्प:बहर २१२२ २२२२ २२) सत्य बोलूँ तो कहते पागल है, झूठ बोलूँ तो कहते पागल है। बात इतनी ही तो अब सब बोले, जो न बोलूँ तो कहते पागल हैll काम करता हूँ मन से तब कहते, काम के पीछे तो वह पागल है। बैठ घर में यूँ ही … Read more

महँगाई डायन

अनंत ज्ञान गिरिडीह (झारखंड) ********************************************************************** महँगाई डायन बिग बाज़ार में, खरीददारी कर रही है हज़ार मेंl क्या ठाट-बाट से बाज़ार आई है, देखो बड़ा-सा पर्स भी साथ लाई हैl लेकर आई है सूची लंबी-चौड़ी, देखते बन रही है उसकी भागा-दौड़ीl कभी इस तल्ले से उस तल्ले पर, कभी कपड़ों पर,तो कभी श्रृंगार परl जी भर … Read more

बात-बात पे आँख दिखाता है…

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* (रचनाशिल्प:मात्रा भार २४) कल पिलाया दूध उन्हें आँख दिखाता है। उँगली पकड़ चलाया राह तू बताता हैl जिगर का टुकड़ा था कल तक तू माँ-बाप का, वृद्धाश्रम में ले जाकर आज बिठाता है। कल तक माँ-माँ करता फिरता आगे-पीछे, अब उसी को बात-बात पे आँख दिखाता है। पेट काट कर … Read more

धर्म और विज्ञान का सहयोगी बनना जरुरी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** “जब-जब होई धरम की हानि, बाढ़ आई असुर अधम अभिमानी…” एक तरफ तो पुराण कुछ इस तरह से धर्म की व्याख्या करते हैं,जिसमें जप-तप,दान-सेवा का बड़ा महत्व है,किंतु गीता में- “यदा-यदा ही धर्मस्य…” जैसे श्लोकों के आधार पर कर्म को धर्म से भी श्रेष्ठ माना गया हैl इसमें कर्म … Read more

तो फिर क्यों आ रहे हो

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** मुझे क्यों आजमाने आ रहे हो, बताओ,क्या जताने आ रहे हो ? तुम्हीं ने मुझको ठुकराया था एक दिन, तो फिर क्यों अब मुझे वापिस मनाने आ रहे होl क्यों पिंजरे में रखा था तुमने अब तक कैद करके, क्यों पिंजरे से मुझे अब तुम छुड़ाने आ रहे होl गिराया … Read more

मोदी जीत-विपक्ष को सीख

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई उनके कौशलीय विजय पर,और विपक्ष की सफलता परl एक बार की भूल क्षम्य होती है,पर बार-बार की गई भूल अपराध की श्रेणी में मानी जाती हैl जब सामनेवाला शक्तिशाली,सत्तासीन हो और उसकी निरंतर कार्यक्षमता बढ़ रही हो,उस समय यदि किसी को हराना हो तो उसके … Read more

छू लो आकाश

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ पथ दुर्गम, सदा बढ़ते जाना- खुशी या गम। छोड़ आलस, बनकर उद्यमी- छू लो आकाश। रुकना नहीं, सामर्थ्य पहचानो- झुकना नहीं। जीवन पथ, न होना विचलित- है अग्निपथ। धरना धीर, श्रम का फल मीठा- कहता ‘नीर’। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि ५ … Read more

दिल को चीरता रोदन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** बेहद दर्दनाक ख़ौफ की कालिमा सूरत की सीरत से स्तब्ध,भौंचक्का, चारों तरफ पसरा मासूम निर्दोष चीखती मौत का भष्मासुर अनल तांडव, मचा हाहाकार,दिल को चीरता रोदन कूदते,चिल्लाते,जलते देश के होनहार निर्माणक असहाय चिराग। मर्माहत सूना फिर ममता का आँचल, जला क्रूर असुर के दावानल में त्राहि-त्राहि जीवन रक्षण … Read more

मालवी की बाँसुरी `सुल्तान मामा`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** मालवी बोली के कवि को श्रद्धांजलि हिंदी और मालवी के सुप्रसिद्ध कवि,गीतकार सुल्तान मामा हिंदी काव्य मंचों पर अपनी सुरीली आवाज के लिए पहचाने जाते थे। कवि सम्मेलन मंचों पर यदि कोई उन्हें सामने से नहीं सुन रहा हो तो कहता कि क्या खूबसूरत आवाज में कवियित्री गा रही है। … Read more

दर्द ज्यादा हो तो बताया कर

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************* दर्द ज्यादा हो तो बताया कर, ऐसे तो दिल में न दबाया करl रोग अगर बढ़ने लगे बेहिसाब, एक मुस्कराहट से घटाया करl तबियत खूब बहल जाया करेगी, खुद को धूप में ले के जाया कर, तरावट जरूरी है साँसों को भी, अंदर तक बारिश में भिगोया करl तकलीफें सब … Read more