रूप और स्वभाव

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* रूप से भी अत्यधिक सम्मान है स्वभाव का, रूप है बेकार-सा अभाव यदि इस भाव का। रूप नश्वर है जगत में स्वभाव ही अमृत है, नेह यदि है मनुज में,अमर उसका सत्व हैll नेह चक्षु लब्ध हो तो कुरूप सुंदर रूप है, नेह धन का धनिक मानव रंक ही कर … Read more

लोकसभा चुनाव २०१९ और भारतीय भाषाएँ

  यदि भारतीय भाषाओं के नजरिए से लोकसभा चुनाव २०१९ को देखा जाए तो इसमें दो बातें महत्वपूर्ण हैं,एक तो यह है कि भारतीय भाषाओं के जरिए लोकसभा चुनाव के दौरान किसने क्या पाया ? और दूसरा यह कि इस चुनाव में भारतीय भाषाओं ने क्या पाया ? या यूँ कहें कि जिन्होंने भारतीय भाषाओं … Read more

आओ हम सौगंध उठाएं

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* आओ हम सौगंध उठाएं, कर्म पथ पर बढ़ते जाएं। समाज से कुरीतियाँ हटाएं, जन-मन का हम ज्ञान बढ़ाएं। कर्तव्य कहीं जो डगमगाए, उस सोच को हम समझाएं। मातु-पिता सदा है पूजनीय, उनके मन विश्वास जगाएं। बहन-बेटियाँ रहें सुरक्षित, बच्चों को भविष्य बताएं। प्रकृति माँ की करें हैं पूजा, … Read more

शिकार

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ जंगल में एक शिकारी,शिकार करने के लिए गया था। वो पूरे दिन जंगल में घूमा लेकिन उसे कुछ मिला नहीं,तो वो थक गया इसलिए एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए बैठा। वो सोच रहा था कि काश कोई परी आ के हमें स्वर्ग में ले जाए,तो ये रोज-रोज की … Read more

क्यूँ मैं छंद के बंधन बाँधूं…

डॉ.नीलम कौर उदयपुर (राजस्थान) *************************************************** क्यूँ मैं छंद के बंधन बाँधूं, क्यूँ पहनूं बंद अलंकार के कुदरत ने मुझको दे डाले, हसीन प्यार के ख्वाब सुहाने। क्यूँ मैं बाँधूं… बिजली की पैंजनियां दी हैं, स्वर्ग गंगा का गल-हार चाँद मुखडे़ पर दी है, गज़ब चाँदनी की मुस्कान। क्यूँ मैं बाँधूं… फूलों सी खुशबू में भीगा, … Read more

वीरों की धरती हिन्दुस्तान

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- वतन की शान है तो मेरी भी शान है, वतन की आन रखना मेरा ईमान है। वतन ही रब है मेरा ये मेरी जान है, इस दुनिया में सिरमौर मेरा हिन्दुस्तान है। वतन के वास्ते ही हम जियेंगे मरेंगे, वतन का सिर कभी भी नीचा न करेंगें। खाते हैं … Read more

अहंकार

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* दर्प कभी ना कीजिये, करता जीवन नाश। धारण करे विनम्रता, सदाचार का वास॥ अहंकार किसका करे, देह न अपनी होय। साथ नहीं कुछ जायगा, अंत अकेला होय॥ नश्वर देह आत्म अमर, मिथ्या है संसार। समझ लीजिये तत्त्व यह, जीवन का यह सार॥ अहं भाव को त्यागकर, होता निरहंकार। उसी मनुज … Read more

हल्दी

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* एक बहन एक भाई वाले एक आदर्श परिवार में बड़े अरमानों से भाई का विवाह हुआ। गोरी सुंदर दुल्हन घर आई,नये रिश्ते बने, माता-पिता को बहू,बहन को भाभी मिली। और भी नए रिश्तों की सौगातों के सपने सजे,आशाएं बंधीं। कुछ ही दिन बीते थे कि घर में … Read more

बहुत प्यारे हॊ तुम

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जो भी हो बहुत प्यारे हो तुम, मेरी आँखों के तारे हो तुम…। न चाहते हुए भी,तुझे चाहना, न सोचते हुए भी,तुझे सोचना…। मेरी चाहत बन गए हो तुम, मेरी आदत बन गए हो तुम…। मेरी रग-रग में बस गये हो तुम, मेरी ज़िंदगी बन गये हो तुम…। जो … Read more

पायल की पीड़ा

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* मेरे पाँव की पायल भी, बेबस और मजबूर हो गयी… मुस्कुराने की चाहत थी, मगर उदास हो गयी। तुम्हारे इंतज़ार में यह, इस जहां से बेजार हो गयी है… खनकती इसकी सदा भी, दर्द के साज में बदल गई है। मचलती है बेपरवाह-सी, मगर एक आह भी संग आती है… आज … Read more