तेरी जीवन संगिनी

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** मैं संगिनी तेरे जीवन की, तेरी परछाई बन चलूँगी। तू रखे जिस हाल में भी प्रिय, तेरे संग हँस-हँस जी लूँगी। संस्कारों का दहेज लाई हूँ, जीवनभर सम्भाल रखूँगी। दो कुलों की आन हूँ मैं प्रिय, मान सदा बढ़ाए रखूँगी। पिता की दहलीज त्याग कर, तेरी दहलीज पर … Read more

भारत महान देश है दोस्तों

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** भारत महान देश हमारा है दोस्तोंl पूरे जहां में हिन्द सितारा है दोस्तोंl सब जानते हैं जंग से इसका न वास्ता, लड़ना पड़े तो सबको पछाड़ा है दोस्तोंl गंगा युगों से देश की सींचे जमीन को, इसका सुरमयी घाट किनारा है दोस्तोंl शोभे मुकुट है भाल पे उत्तर हिमाल … Read more

फटेहाल बच्चे

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** स्वयं पे ही सभी रहते हैं वशीभूत अब, कोई भी किसी की नहीं सुनता जहान में। भूख और प्यास लिये मरते मनुष्य पर, लोग तो यकीन अब रखते हैं श्वान में। श्वान को खिलाया,नहलाया व घुमाया जाता, कभी सड़कों पे,कभी कार में बागान में। किन्तु कई लाख बच्चे हो … Read more

मनोरंजन कॆ लिए बुरी नहीं ‘दे दे प्यार दे’

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* निर्देशक अकीव अली की इस फिल्म में अदाकार अजय देवगन,रकुल प्रीत सिंह, तब्बू,आलोक नाथ,जावेद जाफरी और जिमी शेरगिल हैं। लेखन-लव रंजन, एवं तरुण जैन का है। संगीत-अमाल मलिक, रोचक कोहली,हितेश सोनिक ने दिया है। फिल्म का समय १३५ मिनट है। कहानी कॆ अनुसार-एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति आशीष मेहरा(उम्र ५० साल,अजय … Read more

छूटने का बंधन

पंकज त्रिवेदी सुरेन्द्रनगर(गुजरात) *************************************************************************** जब एक कदम आगे बढ़ते हैं हम,एक कदम पीछे छूट जाती हैं ज़मीं। छूटता रहता है सब-कुछ नई राह पर,छूटता है हर कोई इंसान एक रिश्ते से नए रिश्ते के पंख लिए। कितना कुछ छूट जाता है प्रतिदिन हमारे हाथों से,पैरों से,मन से, आत्मा से…! छूटते-छूटते न जाने हम कभी किसी … Read more

तुम जहाँ हो…

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* जिन अंधेरों से तुम गुजर रहे हो उन्हीं अंधेरों में, मैं अपने उजालों से झुलस रही हूँ। तुम जिन तनहाइयों में बिखर रहे हो उन्हीं तनहाइयों में, मैं अपने शोर से सिमट रही हूँ। तुम जिस बेबसी से गुजर रहे हो उन्हीं बेबसी में, मैं उम्मीदों को सहला रही हूँ। जीवन … Read more

चुनाव के बाद संभावनाएं क्या-क्या ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** इस १७ वें आम चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी, उसका स्वरुप क्या होगा,और देश की राजनीति की दिशा क्या होगी,ये सवाल लोगों के दिमाग में अभी से उठने लगे हैं। मतदान का सातवां दौर १९ मई को खत्म होगा, लेकिन विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने जोड़-तोड़ की राजनीति अभी … Read more

जय किसान करता सबल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** रात दिवस रत खेत में,लघुकिसान कर काम। सुविधा जो सरकार दी,उन्हें मिले न दामll रैयत जो हैं खेत के,उठा रहे हैं लाभ। कामगार मज़बूर हैं,आशा में अरुणाभll नेता जो किसान आज,सुख-सुविधा से लैस। मर्सिडीज में घूमते,ऋण लेते हैं कैशll खुले चरण तन चीर बिन,रहे शीत बरसात। आग उगलती … Read more

चूं चूं का `मतदान`

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** जैसे गर्मी बढ़ रही है,पार्क में बरसाती मेंढकों की तरह कसरत करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पहले तो बूढ़े कैलोस्ट्राल कम करने के लिए कमरे को कमर बनाने पर तुले थे,अब तो कमर वाले भी कमरा वालों से प्रतियोगिता करने में लगे हैं। चच्चा पसीने … Read more

मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** न जाने किनका ख्याल आ गया। रूखे-रौशन पे जमाल आ गया। जो झटक दिया इन जुल्फों को, ज़माने भर का सवाल आ गया। मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर, खुशबू बिखेरता रूमाल आ गया। मैं मिट जाऊँगी अपने दिलबर पे, बदन तोड़ता जालिम साल आ गया। मेरे हर अंग पे … Read more