नहीं चाहिए शराफ़त ऐसी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** दूसरों की लूटती हुई आबरू को देख बीच बाज़ार के चौसर पर, उसको बचाते-बचाते नासमझ मैं ख़ुद की आबरू लुटा गया, पर कमबख्त दस्तूर तो देखो इस बेदर्द दुनिया का,जिसके लिए अपनी सुकूनभरी जिंदगी की खुशहाली, दफ़न की,बिना सोचे ज़मीर के लिए वही गलबहियाँ करने को बेताब, जा … Read more

कुर्सी

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* कुर्सी की देखो माया, रचा है इसने खेल सारा चढ़ा है सब पर इसका रंग, क्या नेता-क्या अभिनेताl डोल रहे हैं इसके संग, जो पाए वह तर जाए जो देखे वह डर जाए, दुनिया नाचे इसकी उँगली परl काम गजब के कर जाए, देखो इसकी काली माया औरों को … Read more

उपनिषदों की पंडिता डॉ.वेदवती वैदिक का निधन

  नई दिल्ली। उपनिषदों की विख्यात विदुषी प्रो. वेदवती वैदिक का आज निधन हो गया है। दिल्ली के लीवर—इंस्टीट्यूट में उनका उपचार चल रहा था। वे प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक डॉ. वेदप्रताप वैदिक की धर्मपत्नी हैं। उनका अंतिम संस्कार दयानंद घाट,लोदी इस्टेट पर आज किया गया। १९७७ से दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी महाविद्यालय में अध्यापन … Read more

शुभ संवत्सर नया साल

प्रो.स्वप्निल व्यास इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** नई चेतना नव प्रकाश…नई उम्मीदों का आकाश, शुभ संवत्सर नया साल। नए संकल्पों से शुरुआत…प्रायश्चित का प्रयास, शुभ संवत्सर नया साल। अर्घ्य प्रार्थना मंगलाचरण…राम जन्म का अहसास, शुभ संवत्सर नया साल। ब्रह्मा की सृष्टि रचना…झूलेलाल का जन्म महान, शुभ संवत्सर नया साल। प्रचंड सूर्य खुला आसमान…नवरात्र की शुरुआत, शुभ संवत्सर नया … Read more

जानते हुए भी गलत कार्य क्यों करते हैं ?

अमल श्रीवास्तव  बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* अर्जुन ने श्रीकृष्ण से अति सुंदर प्रश्न किया था कि,हर व्यक्ति अपना भला-बुरा,धर्म-अधर्म,पाप-पुण्य,उचित-अनुचित समझता है,फिर भी जबरदस्ती,न चाहते हुए भी पाप और अधर्माचरण में लिप्त क्यों हो जाता है। दुर्योधन ने भी कहा था कि,- “जानामि धर्मम् न च में प्रवृत्ति, जानामि अधर्मम् न च में निवृत्ति।” अर्थात मैं धर्म भी … Read more

सताने आ गए

विद्या पटेल ‘सौम्य’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** मुफ़लिसी में फिर हमें सताने आ गए। तसव्वुर-ए-चिरागा को बुझाने आ गए। जश्न में हिमाक़त क्या दिखाई हमने, इज़्तिराब होकर नींद में डराने आ गए। देते रहे जख़्म हर मोड़ पर हमें, चुप रही फिर भी आजमाने आ गए। हर दर्द को घोल कर फ़िज़ाओं में जिए, लोग … Read more

माता के नवराते

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* माँ शक्ति की उपासना,होते हैं नवरात। मात भवानी-भक्ति में,करते हैं जगरात॥ मंदिर देवी के सजे,लगे नए पांडाल। मन में श्रद्धा भाव है,हाथों पूजा थाल॥ माता के नवरात्र में,जो करता है भक्ति। माता के आशीष से,पाता है वह शक्ति॥ नवराते में होत है,माँ की कृपा अशेष। माता दयालु है बड़ी,सभी मिटाती … Read more

भारत रत्न सितारवादक पण्डित रविशंकर चौधरी की यादें

राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** ७ अप्रैल जन्मदिन विशेष…… देश के प्रसिद्ध सितारवादक एवं संगीतज्ञ पण्डित रविशंकर चौधरी का जन्म ७ अप्रैल १९२० को बनारस,ब्रिटिश भारत में हुआ था। पश्चिमी बंगाल के एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में इनका जन्म हुआ था। ये एक प्रख्यात वकील के बेटे थे,और दस साल की उम्र में पेरिस चले गए … Read more

हँसाती रही जिंदगी

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** किसी को हँसाती रही जिंदगीl किसी को रुलाती रही जिंदगीl भरा जख्म इक फिर मिला दूसरा, सतत यूँ सताती रही जिंदगीl नई किस्म की रोज देकर दवा, मुझे तो पिलाती रही जिंदगीl उसे तो कहो भाग्यशाली बड़ा, जिन्हें बस हँसाती रही जिंदगीl कटे दूब सा फिर उगे शीघ्र ही, … Read more

सौन्दर्य

डॉ.विभा माधवी खगड़िया(बिहार) *********************************************************************************************** भोली-भाली प्यारी रचिता का विवाह होने वाला है। मन में अनेक कोमल कल्पना अँगड़ाई ले रही है। उसके विवाह की खरीददारी शुरू हो गई है। जब भी वह खरीददारी में शामिल होती तो वह समझ नहीं पाती कि वह किस वस्त्र और गहनों का चुनाव करे,क्योंकि उसे लगता है कि उसे … Read more