साथ छूट जाते हैं…

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* सुरों की अमर ‘लता’ विशेष-श्रद्धांजलि…. धीरज का बांध नहीं,तार टूट जाते हैं।सुर मलिका से हमारे,साथ छूट जाते हैं॥ शारदा साक्षात हुई थी,बन बैठी साधिका,सुर के श्रृंगार सजे,वह बन गई आराधिका।गीतों की झंकार गई,ताल टूट जाते हैं,धीरज का बांध…॥ मातु सरस्वती से हमें,अनुपम उपहार मिला,अद्भुत गीत बन गये तो,गीतों का सार मिला।परिभाषा थी … Read more

कविता से नाता जोड़ लिया

रीता अरोड़ा ‘जय हिन्द हाथरसी’दिल्ली(भारत)****************************************************** तर्ज:चाँदी की दीवार न तोड़ी… घर-परिवार सब कुछ छोड़ा कविता से नाता जोड़ लिया।इक साहित्य प्रेमी ने माँ शारद से नाता जोड़ लिया॥ कल तक जिसको बीवी-बच्चे जां से प्यारे लगते थे,इस संसार में उनसे अच्छे और न कोई दिखते थे।कविताई की खातिर कवि ने सुखमय जीवन त्याग दिया,कवि धर्म … Read more

ऋतु बसन्त शुभ आयो रे

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** बसंत पंचमी विशेष…. रचना शिल्प:ताटंक छंद आधारित ऋतु बसन्त शुभ दिन आयो रे,सबके मन को भायो रे।पात-पात हरियाली सुन्दर,मधु बन भीतर छायो रे॥ नीला अम्बर,खूब सितारेसबके मन को भाते हैं।रक्त पलास खिले धरती पर,तन में अगन लगाते हैं॥रंग-बिरंगे उपवन सुन्दर,प्रकृति खूब हर्षायो रे।ऋतु बसन्त शुभ दिन आयो रे,…॥ आम्र बौर … Read more

कर लें जनहित काम

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* जीवन पथ पर कब लग जाए,अंतिम पूर्ण विराम।जीवन रहते पुण्य सोच से,कर लें जनहित काम॥ दंभ कपट से भरे कृत्य का,करना होगा त्याग,श्रेष्ठ भाव की मृदुवाणी से,भर दें शुभ अनुराग।मनुज धर्म के पालन करके,कर लें जग में नाम,जीवन पथ पर कब लग जाए,अंतिम पूर्ण विराम… ॥ निर्मल करुणा अमिट प्रीति रख,करते … Read more

क्या करें!

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** खून के रिश्तों में आए संक्रमण का क्या करें!लुप्त होती मधुर वाणी आचरण का क्या करें!! डस गया विषधर हमारे लोक मंगल गान को,भूल बैठे पीढ़ियों से हम मिले सौपान को।अर्थ के अब कूप में डूबी पड़ी संवेदना,जिंदगी को ढक रहे इस आवरण का क्या करें!! कुछ पुराकालीनता से मुक्त ज्यादा … Read more

श्याम विरह

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** जबसे नेह लगाया तुमसे श्याम सलोने साँवरिया।इत-उत डोलूँ तुम्हें ढूँढती बनी तुम्हारी बावरिया॥ पल भर चैन पड़े ना तुम बिन अकुलाहट बढ़ती जाए,नीर झरे आँखों से ऐसे ज्यों नदिया बहती जाए।बनी जोगनी फिरूँ भटकती तुम्हें पुकारूँ श्याम पिया,इत-उत डोलूँ तुम्हें ढूँढती बनी तुम्हारी बावरिया…॥ नयनों में ले सपन तुम्हारे,नाम रटूँ हरदम … Read more

नाचीज बना दिया मुझको

गुरुदीन वर्मा ‘आज़ाद’बारां (राजस्थान)******************************** नाहक समझकर अपनों ने,नाचीज बना दिया मुझको।सौतन से लगाकर दिल सबने,बेघर बना दिया मुझको॥ क्यों दोष फिरंगियों को मैं दूँ,अपनों ने किया है सितम,किससे मैं अपनी पीड़ा कहूँ,बेजुबां बना दिया मुझको।नाहक समझकर अपनों ने… कभी होती थी पूजा मेरी,मैं जान थी यहाँ हर दिल की,नहीं माना गया मुझको सबला,अबला बना दिया … Read more

सबसे ऊपर है संविधान

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. जनता की अभिलाषा का सम्मान तू,देश में सबसे ऊपर है संविधान तू।भारत की छवि तुझमें हमको दिखती है,देश को तुझसे ही गरिमा मिलती है॥जय हो तेरी,भारत का अभिमान तू,देश में सबसे… गणतन्त्र बनाकर तूने जो उपकार किया,सब जन को कर्तव्य दिया,अधिकार दिया।अधिकार बनाकर तुझको अपना मान … Read more

अपना भारत महान

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** गणतंत्र दिवस विशेष… मातरम वन्दे हृदय से बोल कर तो देखिये।देश की गरिमा जगत से तौल कर तो देखिये॥ कोई भी जज़्बा हमारे देश से ऊँचा नहीं,जान ना दे देश पर ऐसा कोई बच्चा नहीं।शूरवीरों का वतन टटोल कर तो देखिये,देश की गरिमा जगत से तौल कर तो देखिये…॥ ये ऋषि-मुनियों … Read more

बातें कुछ संविधान की

ज्ञानवती सक्सैना ‘ज्ञान’जयपुर (राजस्थान) ******************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. आओ बहनों तुम्हें सुनाऊँ,बातें कुछ संविधान की।शब्द-शब्द में गौरव गाथा,जनता के सम्मान की॥ भारत के हृदय की धड़कन,अपना संविधान है,संस्कृति की है इसमें आत्मा,सभ्यता का प्रतिमान हैसबसे बड़ा गणतन्त्र विश्व का,लिखित हर विधान है,सर्वधर्म समभाव है इसमें,जिसका हमें गुमान है।छब्बीस नवम्बर दिन था,जब ये बनकर के तैयार … Read more