हिन्दी और बोलियों के मधुर संबंध तोड़ने की नापाक कोशिशें

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामीदिल्ली *********************************************************** हिन्दी को बांटने का जो कुप्रयास हो रहा है,उसमें अँग्रेज़ीदाँ लोगों का तो सामना करना पड़ ही रहा है,लेकिन विडंबना यह है कि हिन्दी को तोड़ने वाले अपने ही लोग कम नहीं हैं जो अपने निहित स्वार्थ के लिए अंग्रेज़ी वालों से कम भूमिका नहीं निभा रहे। वे हिन्दी और … Read more

समाज सुधार के लोकनायक रहे गुरु वल्लभ

ललित गर्गदिल्ली ****************************************************** विश्व पटल पर कतिपय ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व अवतरित हुए हैं जिनके अवदानों से पूरा मानव समाज उपकृत हुआ है। ऐसे महापुरुषों की परम्परा में जैन धर्मगुरुओं एवं साधकों ने अध्यात्म को समृद्ध एवं शक्तिशाली बनाया है। उनमें एक नाम है युगवीर,क्रांतिकारी आचार्य श्रीमद् विजय वल्लभ सूरीश्वरजी का। वे बीसवीं सदी के शिखर … Read more

मानवता की प्रेरणा देते भगवान महावीर

  डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** प्रतिवर्ष दीपावली के दिन जैन धर्म में दीपमालिका सजाकर भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव मनाया जाता है। कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।भगवान महावीर का जीवन एक खुली किताब की तरह है। उनका जीवन ही सत्य,अहिंसा और मानवता का संदेश है। उनके घर-परिवार में ऐश्वर्य,संपदा की … Read more

समानता हेतु व्यापक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ************************************************** लैंगिक असमानता हमारे समाज में एक दीर्घकालिक समस्या है। आज भी महिलाओं के साथ कई तरह से भेदभाव किया जाता है। भारत के सामाजिक संदर्भ में कानूनी रूप से महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त है, मगर लैंगिक मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनाने की बहुत आवश्यकता है,ताकि कोई समस्या न हो। यह … Read more

भारत-चीनःखुश-खबर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** भारत-चीन तनाव खत्म होने के संकेत मिलने लगे हैं। अभी दोनों तरफ की सेनाओं ने पीछे हटना शुरु नहीं किया है लेकिन दोनों इस बात पर सहमत हो गई हैं कि मार्च-अप्रैल में वे जहां थीं,वहीं वापस चली जाएंगी। उनका वापस जाना भी आज-कल में ही शुरु होनेवाला है। तीन दिन में … Read more

महावीर के निर्वाण से प्रचलित हुई जैन परम्परा में दीपावली

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** भारत देश धर्म प्रधान देश है,यहाँ की संस्कृति अहिंसा प्रधान है। इस देश में धर्म निरपेक्ष शासन प्रचलित है। त्यौहार हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक हैं,इनका सम्बन्ध भी प्राचीन महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा होता है। यहाँ पर धार्मिकता को लिए हुए अनेक पर्व मनाए जाते हैं। दीपावली पर्व को … Read more

कई विशिष्टता वाला त्यौहार दीपावली

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष….. अंधकार पर प्रकाश की विजय का त्यौहार दीपावली भारत में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपोत्सव का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। दीपावली से जुड़े कुछ रोचक तथ्य हैं,जो इतिहास के पन्नों में अपना विशेष स्थान बना चुके हैं।सभी जानते हैं कि कार्तिक बदी … Read more

दीपावली:ज्योति का पर्व

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष….. वर्षाकाल के बाद अच्छी फसल होने की आस मन में जगती है। प्रतीक्षा के समय में ही दुर्गा पूजा आ जाती है और नवदुर्गा की पूजा में हिन्दू-धर्मावलंबी व्यस्त हो जाते हैं। फिर आती है विजयदशमी,कहा जाता है कि इसी दिन श्रीरामचन्द्रजी ने रावण पर … Read more

एक वो भी दिवाली थी,एक ये भी…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ********************************************************** वाकई बड़ी विरोधाभासी दिवाली है। एक तरफ राजनीतिक हलकों में बिहार विधानसभा और मप्र सहित कई राज्यों में उपचुनाव नतीजों के बाद किसके घर दिवाली मनेगी और कहां मातम छाया रहेगा,यह पता चलेगा। दूसरी तरफ आम लोग पटाखाविहीन दिवाली मनाने को लेकर असमंजस में हैं,लेकिन सबसे ज्यादा मुसीबत दिवाली की पहचान रहे … Read more

मानसिक संकीर्णता से बचना होगा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************* बुद्धिजीवी मेडिकल एसोसिएशन की मान्यता है कि,पूरे विश्व के साथ भारत में आधुनिक चिकित्सा का वर्चस्व रहे और होना भी चाहिए। कारण एलॉपथी सरकार की दत्तक पुत्र होने से मुख्य धारा से जुड़ी है,और कहावत है मूल से ब्याज अधिक प्यारा होता है। इन बुद्धिजीवी को जन्म के समय से ही देशी दवाएं … Read more