नैतिकता का पौधरोपण शालेय शिक्षा से जरुरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जब से मानव का उदय सृष्टि में हुआ ,तब से अपराध होना शुरू हैं।सबसे पहले संसार सञ्चालन के लिए नियम बनाए गए,उन नियमों में जब जब किसी को नुकसान होना शुरू हुआ तब संशोधन या सुधार किए गए। आज पूरे विश्व की कानूनों की किताबों को जोड़ा जाए,तो श्रखंला कश्मीर से कन्याकुमारी तक … Read more

पूर्वजन्म और पुनर्जन्म-इसी जन्म में

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** पूर्वजन्म और पुनर्जन्म एक भारतीय सिद्धांत है,जिसमें जीवात्मा के शरीर के जन्म और मृत्यु के बाद पुनर्जन्म की मान्यता को स्थापित किया गया है।विश्व के सब से प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद से लेकर वेद,दर्शनशास्त्र,पुराण,गीता,योग आदि में पूर्वजन्म की मान्यता का प्रतिपादन किया गया है। इस सिद्धांत के अनुसार-शरीर की मृत्यु … Read more

सतर्क भारत,समृद्ध भारत

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************************** किसी भी राष्ट्र के निर्माण में प्रमुख महत्व वहाँ के लोगों के उत्साह एवं निष्ठा का ही होता है। राष्ट्र के लोग जब आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने किसी लक्ष्य की ओर चल निकलते हैं,उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए समुचित साधनों,तकनीकों और व्यवस्थाओं आदि का सर्जन सहज ही … Read more

श्रीलंका की दाल में कुछ काला

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** श्रीलंका और भारत के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव आए,लेकिन अब जबकि श्रीलंका में भाई-भाई राज है याने गोटबाया और महिंद राजपक्ष क्रमशः राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री हैं,आपसी संबंध बेहतर बनने की संभावनाएं दिखाई पड़ रही हैं,लेकिन अभी-अभी दाल में कुछ काला दिखाई पड़ने लगा हैl महिंद राजपक्ष कुछ समय … Read more

हिंदी को बोलियों से मत लड़ाइए

डॉ. करुणाशंकर उपाध्यायमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** मनुष्य की भांति भाषाओं का भी अपना समय होता है,जो एक बार निकल जाने के बाद वापस नहीं लौटता। इसे हम संस्कृत,पालि,प्राकृत,अपभ्रंश इत्यादि के साथ घटित इतिहास द्वारा समझ सकते हैं। अंग्रेजी शासन के दौरान सबसे पहले सत्ता द्वारा हिंदी-उर्दू विवाद पैदा किया गया। जब स्वाधीनता संग्राम के कठिन संघर्ष के … Read more

जीवट वाले दलित महानायक थे रामविलास पासवान

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************* बिहार की राजनीति में चमत्कार घटित करने वाले भारतीय दलित राजनीति के शीर्ष नेता एवं केन्द्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान का निधन भारतीय राजनीति की एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी की वर्ष २००० में स्थापना की एवं संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से उनका राजनीतिक सफर शुरु हुआ। वे अकेले … Read more

जाति-धर्म के मोहरे ही राजनीति

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* राजनीति केवल राजनीति है और जब तक जाति व धर्म राजनीति के मोहरे बनते रहेंगे,तब तक राजनेता जाति व धर्म का लाभ लेते रहेंगे। उन्हें प्रयोग करते रहेंगे और उन्हीं का शोषण करते रहेंगे,जब तक कि जाति व धर्म के अनुयायी जागरूक एवं आत्मनिर्भर नहीं हो जाते।सर्वविदित है … Read more

अहिंसा के सिवाय कोई सौन्दर्य नहीं

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *************************************************** आज दुनिया संकटग्रस्त है,अब तक के मानव जीवन में ऐसे विकराल एवं विनाशक संकट नहीं आए। एक तरफ कोरोना महामारी का संकट है तो दूसरी ओर विश्व-युद्ध का माहौल बना है। हमें उन आदतों, वृत्तियों,महत्वाकांक्षाओं,वासनाओं को अलविदा कहना होगा जिनका हाथ पकड़कर हम उस ढलान पर उतर गए,जहां रफ्तार तेज … Read more

बिहारःसत्ता ब्रह्म,गठबंधन मिथ्या

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************************* बिहार के चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी,कहा नहीं जा सकता। यदि २ प्रमुख गठबंधन सही-सलामत रहते तो उनमें से किसी एक की सरकार बन सकती थी। एक तो नीतीश कुमार का और दूसरा लालूप्रसाद का,लेकिन बिहार में अब ४ गठबंधन बन गए हैं। नीतीश कुमार के गठबंधन में जदयू और भाजपा … Read more

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा वकील महात्मा गाँधी

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** गाँधी जी ने हिन्दी के आन्दोलन को आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि,देश जब आजाद होगा तो उसकी एक राष्ट्रभाषा होगी और वह राष्ट्रभाषा हिन्दुस्तानी होगी,क्योंकि वह इस देश की सबसे ज्यादा लोगों द्वारा बोली और समझी जाने वाली भाषा है। वह अत्यंत सरल है,और उसमें … Read more