खुद से करो सवाल

सुनीता बिश्नोलिया चित्रकूट(राजस्थान) ****************************************************** धरती पर बादल घिरे,संकट के हैं आज। पीछे संकट के छिपे,कुटिल मानसी काजll जो बोता पाता सदा,बोने वाला आप। खुद ही पीड़ा बाँटकर,मिलता है संतापll कहने को मानव स्वयं,बन बैठा भगवान। पर ईश्वर के कोप से,नहीं बचा इंसानll खेल विधाता खेलता,होकर के नाराजl पीछे संकट के छिपे,कुटिल मानसी काजll मानव होकर … Read more

रूठो मत इतना सज़न

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** यौवन सरित उफ़ान पर,मादकता भर नैन। तन्हाई के दर्द से,सजनी दिल बेचैन॥ अश्क नैन से हैं भीगे,पीन पयोधर गाल। रूठो मत इतना सज़न,है चितवन बेहाल॥ बाट जोहती श्रावणी,बीता अब मधुमास। चित्त चकोरी आस में,बरस बुझाओ प्यास॥ तन मन धन अर्पण किया,सजन तुम्हारे नाम। रनिवासर खोयी सनम,समझ तुझे घनश्याम॥ … Read more

पथिक

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** पथिक- चलते-चलते तुम पथिक,राह न जाना भूल। सत्य मार्ग पर चल सदा,बन कर सुन्दर फूल॥ सहयोग- बड़े-बड़े से काम भी,होते हैं संजोग। मिलकर देते हैं सभी,अपना जब सहयोग॥ पंथ- चलना अपने पंथ पर,भूल न जाना यार। सफल काम होगा तभी,मान मिले संसार॥ मंजिल- मंजिल सबकी है अलग,अपनी अपनी … Read more

प्यार मुहब्बत से रहो

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************************** देश हमारा एक है,जिसका भारत नाम। प्यार मुहब्बत से रहो,नफरत का क्या काम॥ डर ही तो है आपका,कुछ का कारोबार। दुनिया यारों हो गयी,एक बड़ा बाज़ार॥ गाली देते फिर रहे,सबको बारम्बार। मुझको उनका लग रहा,नफरत कारोबार॥ किरदारों पर ठीक से,करिये ज़रा विचार। अच्छों को ही दीजिये,वोटों का … Read more

नारी का देवत्व

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** नारी सच में धैर्य है,लिये त्याग का सार। प्रेम-नेह का दीप ले,हर लेती अँधियार॥ पीड़ा,ग़म में भी रखे,अधरों पर मुस्कान। इसीलिये तो नार है,आन,बान औ’ शान॥ नारी तो है श्रेष्ठ नित,हैं ऊँचे आयाम। इसीलिये उसको ‘शरद’,बारम्बार प्रणाम॥ नारी ने नर को जना,इसीलिये वह ख़ास। नारी पर भगवान भी,करता है … Read more

राग रंग है हर तरफ

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** होली- होली की अब धूम है,खेले राधे श्याम। बरसाना की कुंज में,ग्वाल बाल बलराम॥ रँगीला- श्याम रँगीला साँवरा,राधा रानी संग। भर पिचकारी मारते,भीगे सारी अंग॥ अबीर- रंग अबीरा ले चले,खेले होली फाग। नंद गाँव के छोकरे,छेड़े प्रियतम राग॥ उत्सव- उत्सव की अब धूम है,मन में है उल्लास। राग … Read more

रंग प्रीत के

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** रंग प्रीत के डाल के,मले गुलाली माथ। खेल रहे होली यहाँ,राधा मोहन साथ॥ बरसाना में धूम हैं,नाच रहे सब ग्वाल। गोप गोपियाँ मल रहे,रंगों से हैं गाल॥ पिचकारी हाथों लिए,दौड़ा दौड़ा जाय। छोटा कान्हा राधिका,प्रीत रंग बरसाय॥ होली आई प्रीत के,दुश्मन होते मित्र। रंगों की बौछार से,बने रँगीले … Read more

फागुन के रंग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** मुदित श्याम सुंदर वदन,दर्शन मन अभिलास। मुरली कान्हा हाथ में,खड़ी राधिका पासll कान्हा रंगरसिया बने,ले पिचकारी हाथ। गोप गोपियाँ साथ में,खेले राधानाथll भींगे तन सतरंग से,लेपित लाल गुलाल। रंग लगायी राधिका,गाल लाल गोपालll सुन राधे अब तो रुको,बहुत लगायी रंग। भागो मत मनप्रीत तू,तुझे पिलाऊँ भंगll गिरिधर तू … Read more

साजन

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** साजन से सजनी कहे,मिलने को बेताब। मन मेरा लगता नहीं,देखे सुन्दर ख्वाब॥ आया मौसम प्यार का,बिखरे रंग अनेक। साजन प्यारा है लगे,वो लाखों में एक॥ साजन बिन सजनी नहीं,इक-दूजे का साथ। कस्में-वादें कर चले,लेकर अपने हाथ॥ सपने सुन्दर साजते,साजन सजनी संग। मीठा-सा अहसास है,पुलकित होते अंग॥ चैन नहीं … Read more

होली

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** रंगों के सँग खेलती,एक नवल-सी आसl मन में पलने लग गया,फिर नेहिल विश्वासll लगे गुलाबी ठंड पर,आतपमय जज़्बातl प्रिये-मिलन के काल में,यादें सारी रातll कुंजन,क्यारिन खेलता,मोहक रूप बसंतl अनुरागी की बात क्या,तोड़ रहे तप संतll बौराया-सा लग रहा,देखो तो मधुमासl प्रीति-प्रणय के भाव का,है हर दिल में वासll अपनापन … Read more