नवदुर्गा रूप
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) *************************************************** प्रथम रूप माँ शक्ति का,शैलपुत्रि है नाम।हेमसुता माँ अम्ब है,रूप बड़ा अभिराम॥ हे मात ब्रह्मचारिणी,संकट से कर पार।रूप दूसरा शक्ति का,कर सबका उद्धार॥ न्यारा ही ये रूप है,चंद्रघंट है नाम।रूप तीसरा मात का,लोकोत्तर अभिराम॥ आदिशक्ति प्रभायुक्ता,चौथा दुर्गा रूप।माँ कूष्मांडा नाम है,इनकी शक्ति अनूप॥ मात भवानी शैलजा,पंचम माँ का रूप।कार्तिकेय की मात … Read more