संस्कार और मूल्यों पर ध्यान देना आवश्यक

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* संस्कारों से संस्कृत व्यक्ति देवताओं और ऋषियों के समान पूज्य हो जाते हैं। हमारी प्राचीनतम भारतीय संस्कृति विश्व की संस्कृतियों का मूलाधार है।संस्कृति सहिष्णुता,समन्वय की भावना,गौरवशाली इतिहास,संस्कार,रीति-रिवाज और उच्च आदर्श लिए अमूर्त रूप में व्यक्ति के आचरण से झलकते हैं।हम जिस देश,समाज और परिवार में जन्म लेते हैं,उसी के अनुरूप … Read more

सरकारी जासूसी पर हंगामा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हमारी संसद के दोनों सदन पहले दिन ही स्थगित हो गए। विपक्षी सदस्यों ने सरकारी जासूसी का मामला जोरों से उठा दिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश के लगभग ३०० नेताओं,पत्रकारों और जज आदि पर जासूसी कर रही है। इन लोगों में २ केंद्रीय मंत्री,३ विरोधी नेता, ४० … Read more

‘असंसदीय शब्द आचार संहिता’ के सदके..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या असंसदीय शब्दकोश जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सौहार्द और शालीनता की इबारत को कायम रख सकेगा ? खास कर तब कि जब आज के जमाने में ‘भाषाई अभद्रता’ को भी ‘बिकाऊ सामग्री’ के तौर पर देखा जाने लगा है। और यह भी कि जब सार्वजनिक आचरण में भी कई बार भद्रता-अभद्रता की … Read more

हम सबका खून एक ही

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* बिहार सरकार के एक मंत्री जमा खान ने अपनी ८०० साल की विरासत को याद किया और खुद की मिसाल पेश करके कहा कि सर संघचालक मोहन भागवत ने जो कहा है,वह बिल्कुल ठीक है। मोहन जी ने पिछले दिनों कहा था कि भारत के हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक ही … Read more

क्या-क्या करे नया मंत्रिमंडल ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* स्वतंत्र भारत में इंदिरा जी के ‘कामराज प्लान’ के बाद यह सबसे बड़ी साहसिक पहल प्र.मं. नरेंद्र मोदी ने की है। इन नए और युवा मंत्रियों को अपने अनुशासन में रखना और उनसे अपने मन मुताबिक काम करवाना आसान रहेगा,लेकिन उनसे कौन से काम करवाना है,यह तो प्रधानमंत्री को ही तय करना … Read more

मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में छिपी उम्मीदें और चुनौतियां..

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** मोदी सरकार २.० के दूसरे विस्तार में निहित संदेश को राजनीतिक प्रेक्षक अलग-अलग ढंग से पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। लुब्बो-लुआब यही है कि चुनाव जीतना। जीतना और उसके लिए हर संभव रणनीति बनाते रहना मोदी सरकार की हर गतिविधि की प्राथमिकता रही है,क्योंकि सत्ता है तो सब-कुछ है। मंत्रिमंडल के … Read more

कश्मीर फिर बने पूर्ण राज्य

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कश्मीर के गुपकार-गठबंधन ने अपना संयुक्त बयान जारी किया है। प्रधानमंत्री के साथ २४ जून को हुई बैठक के बाद यह उसका पहला बयान है। इस बयान में कहा गया है कि,बैठक ‘निराशाजनक’ रही लेकिन उनका अब यह कहना ज़रा विचित्र-सा लग रहा है,क्योंकि उस बैठक से निकलने के बाद सभी नेता … Read more

भारतीयता के डी.एन.ए. पर राष्ट्रवादी चिंतन

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** भारतीय डी.एन.ए. आज चर्चा का विषय बना हुआ है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के अनुसार सभी भारतीयों का डी.एन.ए. एक है,चाहें वो किसी मत के मानने वाले हों। स्वयं के भीतर बाबर का डी.एन.ए. मानने वालों को यह बात कितनी पचेगी यह तो समय ही बतायेगा। भारत ने सदा … Read more

पिता के परिश्रम-प्रेरणा की महती भूमिका

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. कहा गया है कि,’होनहार बिरवान के होत चिकने पात’ यानि कि अच्छे माता-पिता की अच्छी संतान ही होती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि,एक परिवार में बच्चों की देखभाल करने के लिए माता-पिता दोनों की बराबर भूमिका है। पहले संयुक्त परिवार होते … Read more

दुनिया को असली भारत की पहचान कराई विवेकानन्द जी ने

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** माता काली जी के अनन्य उपासक,सन्त श्री रामकृष्ण परमहंसजी के प्रिय शिष्य,स्वामी विवेकानन्द जी को शत-शत नमन। सभी जानते हैं कि,स्वामीजी ने साधु बनकर दुनिया को असली भारत,यहां की संस्कृति और सभ्यता की पहचान कराई थी। कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी ने अपनी जिज्ञासा के चलते ईश्‍वर को समझने व सनातन … Read more