कारगिल विजय दिवस क्यों मनाया जाता है ?

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के सामने २६ जुलाई १९९९ को सफलता प्राप्त करने पर याने कि पाकिस्तान सैन्य को वापस जाने के लिए मजबूर करने के लिए भारतीय वीर योद्धाओं ने अपना बलिदान दिया था,उस विजय और शहीद वीरों की याद में यह कारगिल विजय दिवस … Read more

अंग्रेजी भाषा का प्राथमिक स्तर पर विरोध जरूरी

कमलेश पाण्डेय सीतापुर ********************************************************************** शिक्षा नीति २०१९ के प्रारुप पर भाषा को लेकर बवाल…….. द्विभाषा नीति हो या त्रिभाषा नीति,विरोधी स्वर को सुने जाने की जरूरत है तथा देश को बताए जाने की जरूरत है कि किसी पर कोई भाषा थोपी नहीं जा रही है,किन्तु हिन्दुस्तान की पहचान के लिए हिन्दी आवश्यक है। हिन्दी की … Read more

लोकसभा की शुरुआत सही दिशा में

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* हर राष्ट्र का सर्वाेच्च मंच उस राष्ट्र की संसद होती है,जो पूरे राष्ट्र के लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है,राष्ट्र-संचालन की रीति-नीति और नियम तय करती है,उनकी आवाज बनती है व उनके ही हित में कार्य करती है। राष्ट्र के व्यापक हितों की सुरक्षा करती है। भारत का … Read more

भारतीय भाषाओं की विजय

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** तमिलनाडु के राज्यसभा सदस्यों को हार्दिक बधाई,कि उन्होंने राज्यसभा का काम ठप्प करवाकर सारी भारतीय भाषाओं को मान्यता दिलवाई। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की सराहना करनी होगी कि उन्होंने तत्काल फैसला करके तमिल ही नहीं, सभी भाषाओं के द्वार खोल दिए। तमिलनाडु में १४ जुलाई को डाक घरों में भर्ती … Read more

बच्चों को पाठशालाओं में मातृभाषा (प्रांत की हिंदी)पढ़ाने का प्रस्ताव

  पी.डी. लेले अहमदाबाद(गुजरात) ****************************************************************** हमारे देश के अलग-अलग प्रांतों के लोगों को एक-दूसरे के साथ बातचीत करने में कठिनाई होती है,क्योंकि सबकी भाषा एक नहीं है। पहले भी इसके लिए काफी प्रयास हुए हैं, पर आज तक ऐसी भाषा अस्तित्व में नहीं है। एक नयी योजना यहाँ प्रस्तुत की गयी है। इस आसान योजना … Read more

सीता के बेदाग चरित्र पर तो सियासत का दागी दांव न खेलें…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** कहावत है ‘सूत न कपास,जुलाहों में लट्ठमलट्ठा।‘ श्रीलंका स्थित दिवुरमपोला में सीता माता का मंदिर बनवाने को लेकर मध्यप्रदेश में दो राजनीतिक जुलाहों सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच कुछ इसी तरह का लट्ठमलट्ठा छिड़ा है। श्रीलंका में सीता एलिया वह स्थान है,जिसके बारे में मान्यता है कि रावण ने … Read more

हिन्दी की अस्मिता पर प्रहार करने वाले हिन्दी के अपने

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी दिल्ली *************************************************************************** यह बहुत बड़ी विडंबना है कि हिन्दी को तोड़ने वालों में हिन्दी के अपने ही लोग हैं।भोजपुरी के कुछ समर्थकों का यह विचार है कि हिन्दी भाषा से अलग होने पर ही भोजपुरी भाषा और संस्कृति का विकास हो पाएगा। वास्तव में यह उनका भ्रम है। भाषा विज्ञान की … Read more

छत्तीसगढ़ सरकार का विवेकहीन निर्णय

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत देश में औसतन कोई भी व्यक्ति अधिक पौष्टिक नहीं है।अधिकांश कुपोषण से पीड़ित हैं,कारण सामान्य वर्ग को संतुलित आहार नहीं मिलता और निम्न एवं गरीबों को जब पर्याप्त भोजन नहीं मिलता तो वे कुपोषण की श्रेणी में आते हैं। सभी सरकारों का लक्ष्य है कि कुपोषण से कोई पीड़ित न … Read more

आँचल का पहला फूल

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- माँ का आँचल और आँचल का पहला फूल नारी को सम्पूर्ण नारीत्व का भान कराता है। माँ बनना नारी की सम्पूर्णता है। मातृत्व का आभास ही तन,मन और जीवन में उल्लास की सृष्टि करता है। ये एक ऐसा अहसास है,जिस अहसास को महसूस करने के लिये एक माँ पूरा … Read more

देशहित के लिए अंर्तराष्ट्रीय कर्ज का बोझ

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** भारत देश विकास और तकनीकी के क्षेत्र में विकासशील देशों के दायरे में आ गया है। आज मोदी की जय-जयकार के नारे भारत देश ही नहीं,विदेशों में मोदी का नाद गूंज रहा है,लेकिन विपक्ष में खलबली मची हुई है। वे मोदी के जयकारों की ध्वनि की गूंज को बर्दाश्त नहीं कर … Read more