विशुद्ध राजनीति है अंग्रेजी को बढ़ाने की

डॉ.एम.एल.गुप्ता ‘आदित्य’  मुम्बई (महाराष्ट्र) ********************************************************** शिक्षा नीति २०१९ के प्रारुप पर भाषा को लेकर बवाल……. प्रश्न यह है कि अंग्रेजी समर्थक एक शक्तिशाली वर्ग जिसने संविधान सभा के निर्णय के पश्चात भी संविधान के अनुच्छेद ३४३ में इस प्रकार का प्रावधान करवाया कि संविधान लागू होने के १५ साल के बाद भी अंग्रेजी के प्रयोग … Read more

विरोध विशुद्ध राजनीतिक और स्वार्थों से प्रेरित

नवेंदु वाजपेयी ******************************************************************* शिक्षा नीति २०१९ के प्रारुप पर भाषा को लेकर बवाल…….. तमिलनाडु में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा तथा अन्य संस्थाओं के जरिए हिंदी सीखने के लिए पंजीयन करने वालों का प्रतिशत बढ़ा है। यह केवल राजनीति प्रेरित विरोध है और इसका पुराना इतिहास रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूप में भारत … Read more

राहुल गांधी,हारे को हरिनाम

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** आचार्य रजनीश ने कहा है कि धन्य हैं वे जिन्हें हार नसीब होती है,ईश्वर उस खुशनसीब को ही यह उपहार देता है जिसे जीना सिखाना चाहता है। तुलसी पत्नी प्रेम में हारे न होते तो उन्हें राम न मिलते,मंडन मिश्र शास्त्रार्थ में जीत जाते तो शंकराचार्य के सान्निध्य से वंचित रहते। … Read more

उत्तराखण्ड की राजनीति से प्रकाश पन्त का जाना

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ लम्बे समय से उत्तराखण्ड की राजनीति में सक्रिय भाजपा की हर सरकार में महत्वपूर्ण दायित्व के साथ उपस्थिति दर्शाने वाले प्रकाश पन्त ने अमेरिका में ५ जून २०१९ को अन्तिम साँस ली। वह कैंसर के इलाज के लिए ३० मई को अमेरिका ले जाये गये थे। लम्बे समय से कैंसर … Read more

तीसरी भाषा के रुप में हिंदी अथवा अन्य भारतीय भाषा का विकल्प दिया जाए

हरिसिंह पाल ******************************************************* शिक्षा नीति २०१९ के प्रारुप पर भाषा को लेकर बवाल……….. हम त्रिभाषा सूत्र के नाम पर हिंदी भाषा-भाषी लोग संस्कृत लेकर इतिश्री कर लेते हैं। अन्य भारतीय भाषाओं की ओर मुँह उठाकर भी नहीं देखते। यह दर्द सिर्फ तमिलनाडु का ही नहीं है,आप कर्नाटक ले लीजिए या मिजोरम,सबमें यही रोष है। बस … Read more

हिंदी मत लादिए लेकिन…अंग्रेजी हटा दें

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** त्रिभाषा-सूत्र के विवाद पर तीन-तीन मंत्रियों को सफाई देनी पड़ी है। उन्होंने कहा है कि यह तो शिक्षा समिति की रपट भर है। यह सरकार की नीति नहीं है। अभी इस पर सांगोपांग विचार होगा,तब यह लागू होगी। क्यों कहना पड़ा,उन्हें ऐसा ? इसलिए कि मोदी सरकार पर यदि हिंदी … Read more

सीमा का तिलक करती गाँव की माटी

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** शिवजी के धनुष पर विराजमान है काशी,और गंगा मैया काशी की अधिकांश सीमा को समेट लेने के लिए धनुषाकार हो गई है। दूरियों को मिटाती हुई चन्द्रप्रभा भी मिलन को सदियों से आतुर है। इसकी गोदी में राजदरी और देवदरी के चश्में चंचल बच्चों सरिस उछल-कूद रहे हैं। यहीं पर … Read more

तमिलनाडु में हिंदी का विरोध क्यों ?

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** केन्द्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के मसौदे पर तमिलनाडु में विवाद का क्या कारण है,यह समझ से परे हैl हिंदी राष्ट्रभाषा विगत सौ वर्षों से बनने के लिए तरस रही है,इसका मुख्य कारण हिंदी को प्रोत्साहित करना नहीं,वरन सब स्थानीय भाषाओं को भी समानता का अधिकार देना हैl आज हमारे … Read more

नेतृत्व के लिए आवश्यक हैं कई गुण

  कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’ दौसा(जयपुर ) *************************************************** जी हाँ मित्रों, नेतृत्व करना एक ख़ास कला है,जो सामान्य व्यक्तित्व के अन्दर नहीं होती। श्रेष्ठतम नेता या नेतृत्व वही बन पाता है,जो लोगों के दिलों पर राज करता है,और जिसका व्यक्तित्व हर कोई स्वीकारता है। ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने वाले लोग अपना सब-कुछ उस … Read more

उपराष्ट्रपति के वक्तव्य का भी कोई परिणाम नहीं निकला

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** नरेन्द्र मोदी की बहुमत वाली मज़बूत और राष्ट्र हित के नाम पर जीती सरकार ने घुटने टेक दिए। वह भी तब,महात्मा गांधी की डेढ़ सौ वीं जन्म जयती वर्ष चल रहा है। गुजराती गांधी की भाषा और शिक्षा नीति को गुजरात के वर्तमान युग के शिखर पुरुष ने धराशायी करके रख … Read more