प्रकृति के साथ संतुलन की सीख हैं श्रीराम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** रामनवमी विशेष… हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए रामनवमी बहुत ही शुभ दिन होता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि, त्रेता युग में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था। धार्मिक मत है कि, सभी प्रकार के मांगलिक कार्य इस दिन … Read more

हर ‘मत’ अतिमहत्वपूर्ण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* सभी जानते ही नहीं, मानते भी हैं कि, किसी भी तरह की प्रतियोगिता हो या चुनाव, वहाँ मतदान के माध्यम से निर्णय की स्थिति में पहुँचना सर्व हितकारी होता है। यानी १-१ मत अतिमहत्वपूर्ण होता है।मतदाता का १-१ मत कीमती होता है, इसलिए ही ‘हर मत मायने रखता है, बताया जाता … Read more

लोकतंत्र की दृढ़ता के लिए मतदान अनिवार्य

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘सबको करना चाहिए, निश्चित ही मतदान।लोकतंत्र मजबूत हो,बढ़े लोक की शान॥’मतदान नागरिकों को नागरिकता के महत्व का एहसास करने में भी मदद करता है। बहुत से लोग यह सोचते हुए मतदान नहीं करते कि, १ मत से कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन जैसा कि यह तथ्य है। एक राष्ट्र की राजनीतिक … Read more

हमें बड़े पुनर्जागरण की जरूरत

डॉ. रजनीश शुक्लभोपाल (मप्र)******************************************** आइए, जानते हैं हमारे गुरुकुल कैसे बन्द हुए।इंग्लैंड में पहला विद्यालय १८११ में खुला, उस समय भारत में ७,३२,००० गुरुकुल थे।मैकाले का स्पष्ट कहना था कि, भारत को हमेशा-हमेशा के लिए अगर गुलाम बनाना है तो इसकी ‘देशी और सांस्कृतिक शिक्षा व्यवस्था’ को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा और उसकी … Read more

चुनाव:मूल्यों की स्थापना का दौर हो

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनावों की सरगर्मियां उग्र से उग्रतर होती जा रही है। पहली बार भ्रष्टाचार चुनावी मुद्दा बन रहा है, कुछ भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर रहे हैं तो कुछ भ्रष्टाचारियों को बचाने की बात कर रहे हैं। मुसलमान मतों की राजनीति करने वाले दल अपने घोषणा-पत्र में उनके कल्याण की कोई बात … Read more

खुशी में लगातार पिछड़ रहे हम !

ललित गर्ग दिल्ली************************************** १४३ देशों के विश्व खुशहाली क्रम में भारत १२६वें स्थान पर रहा है, जिसमें फिनलैंड ने लगातार छठीं बार सर्वोच्च स्थान पाया है। यह बात भी गौर करने की है कि, भारत में १० अंकों का सुधार हुआ है, फिर भी भारत के लिए आश्चर्यकारी एवं विचारणीय स्थिति है। फिनलैंड को दुनिया … Read more

अपनाएं कारगर नुस्खा

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* एक कारगर नुस्खा अपनाएं (जिसे हम बचपन से नियमित रूप से करते आए हैं।), जिसे मेरे किसी परिचित ने सुझा कर दिया-आप कच्ची-कच्ची कोमल नीम की मात्र ७ पत्तियाँ, ७ साबुत काली मिर्च और १ चिमटी सैंधा नमक अच्छी तरह से खरल कर १ गोली बनाकर सुबह-सुबह खाली पेट, प्रकृति के … Read more

अग्रसर भारत का बचपन आर्थिक कारणों से घायल

ललित गर्ग दिल्ली************************************** देश की राजधानी दिल्ली में तमाम जांच एजेंसियों की नाक के नीचे नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त की मंडी चल रही थी। दिल्ली की ‘बच्चा मंडी’ के शर्मनाक एवं खौफनाक घटनाक्रम का पर्दाफाश होना, अमानवीयता एवं संवेदनहीनता की चरम पराकाष्ठा है, जिसने अनेक ज्वलंत सवालों को खड़ा किया है। आखिर मनुष्य क्यों बन … Read more

नकली दवाओं से बढ़ते खतरे, जतन करने होंगे भारत को

ललित गर्ग दिल्ली************************************** दवाओं में मिलावट एवं नकली दवाओं का व्यापार ऐसा कुत्सित एवं अमानवीय कृत है, जिससे मानव जीवन खतरे में है। विडम्बना है कि, दवा बनाने वाली कंपनियों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण का कोई नियम नहीं है और स्वयं ही गुणवत्ता का सत्यापन करती हैं। यह ठीक नहीं और ऐसे समय तो बिल्कुल … Read more

आखिर, कब तक!

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** महिलाओं की भागीदारी को ठंडी बस्ते में डालकर पुरुषों की भागीदारी पर लक्ष्मण रेखा आखिर क्यों नहीं !, यह सवाल हम सभी के आगे प्रश्न चिन्ह बना हुआ है। वैसे तो भिन्नता भारत के कतरे-कतरे में रक्त की तरह प्रवाह होती है। यहाँ न केवल प्राकृतिक भिन्नता, बल्कि धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक भिन्नताएं … Read more