बौखलाहट है हिंदी पट्टी के राज्यों को ‘गौमूत्र राज्य’ की संज्ञा

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ३ राज्यों (राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत से ‘इंडिया गठबंधन’ के विभिन्न राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। इसी बौखलाहट का नतीजा है तमिलनाडु के सत्ताधारी दल डीएमके पार्टी के सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार द्वारा संसद में हिंदी पट्टी के राज्यों को … Read more

गुणवत्ता शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी ही क्यों ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** भारत में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-२०२० लागू हो चुकी है, जिसके तहत हर राज्य में इस नीति में संघीय शासकीय ढांचे के अंतर्गत आंशिक बदलाव सम्बन्धित राज्य की शिक्षा व्यवस्था के अनुसार किए जा रहे हैं। कहीं-कहीं ये बदलाव जरूरी भी हो सकते हैं, पर कहीं-कहीं इन बदलावों में अंग्रेजी की गुलामी … Read more

विद्या ददाति विनयम्

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** जिस तरह से हरा-भरा पेड़ जब फलों से लद जाता है, तो झुक जाता है, उसी तरह से समझदार व्यक्ति जितना अधिक ज्ञान प्राप्त करता है और विद्वान होता है, वह उतना अधिक नम्र स्वभाव का होता है। अभिमान से कोसों दूर होता है। अपने ज्ञान का बखान नहीं करता। अपने ज्ञान … Read more

जीवन-मुस्कान दें दिव्यांगों को

ललित गर्ग दिल्ली************************************** अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस (३दिसम्बर) विशेष… हर वर्ष ३ दिसम्बर का दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकलांग (दिव्यांग) व्यक्तियों को समर्पित है। विकलांग भी किसी से कम नहीं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए थोड़े से सहयोग एवं समतामूलक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वभर में विकलांगता और विकलांग लोगों के साथ … Read more

सर्दी-जुकाम से बचाए घरेलू उपाय

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* यह मानव शरीर परमपिता परमेश्वर की अनमोल संरचना है। इस मानव शरीर का मूल्य आप आँक ही नहीं सकते। सभी जानते हैं कि, जब इन्सान माँ के पेट में होता है तभी से हृदय धड़कना शुरू कर देता है और मृत्यु होने पर ही इसकी धड़कन बंद होती है।हम थकावट होने … Read more

डीपफेक:सरकार की सख्ती जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘डीपफेक’ व्यक्तिगत जीवन से आगे बढ़ कर अब राजनीतिक एवं वैश्विक सन्दर्भों के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इक्कीसवीं सदी में कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) तकनीक के आगमन ने अगर सुविधाओं के नए रास्ते खोले हैं तो दुनियाभर में चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। इस तकनीक का दुरुपयोग बड़े पैमाने … Read more

शाकाहारी भोजन का है अपना महत्व

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** शाकाहारी और मांसाहारी भोजन करना इंसान की अपनी निजी पसंद होती है। देखा जाए तो शाकाहारी भोजन में स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषण तत्व रहते ही हैं।शाकाहारी भोजन को विदेशों में पसंद किया जाने लगा है। शाकाहार शरीर और मन, मानवीय संवेदनाओं का सही रूप में पहचान करवाता है। शाकाहार बीज, वनस्पतियों … Read more

‘मनुष्यता’ ही साहित्य का प्रदेय

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** ‘साहित्य समाज का दर्पण होता है’, इस पंक्ति से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। किसी भी काल-खंड की तस्वीर जब हम देखना चाहते हैं, तो उस दौर का साहित्य उठाते हैं और शोध-परिशोध के शिकंजे पर कस कर साहित्य-आइने में उस काल-खंड का अवलोकन करते हैं। इस शीशे को फ्रेम बद्घ … Read more

भ्रष्ट होते चुनावों से लोकतंत्र धुंधलाने का संकट

ललित गर्ग दिल्ली************************************** चुनाव चाहे लोकसभा के हो, विधानसभा या फिर नीचे के लोकतांत्रिक संगठनों के, जहां नीति, नैतिकता एवं पवित्रता की बात पीछे छूट जाती है, वहां न केवल लोकतंत्र, बल्कि राष्ट्र भी कमजोर हो जाता है। ३ राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और २ में होने वाले हैं। स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव … Read more

गुरुनानक देव आईना हैं ढोंगी साधुओं के लिए

ललित गर्ग दिल्ली************************************** जयन्ती (२७ नवम्बर) विशेष…. परम सत्ता या संपूर्ण चेतन सत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित कर समस्त प्राणी जगत को एकता के सूत्र में बांधने वाले ‘सिख’ समुदाय के प्रथम धर्मगुरु नानक देव ने मानवता का पाठ पढ़ाया, धर्म का वास्तविक स्वरूप स्थापित किया। समाज-सुधारक एवं रहस्यवादी संत नानकदेव जी ने समाज में … Read more