मनोकामना
मीरा जैनउज्जैन(मध्यप्रदेश) ********************************************************** चिराग को देखते ही गगन खुशी से उछल पड़ा-“ओ हो चिराग! क्या तुम अब भी रोज मंदिर आते हो ?”‘हाँ गगनl’“तुम्हारी तो सिर्फ एक ही मनोकामना थी,क्या वह अब तक पूरी नहीं हुईl मेरी तो कामना बहुत पहले ही फलीभूत हो गई,इसीलिए इधर आना कम हो गया हैl फिर व्यापार में समय … Read more