सा…ड़ी…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* मैं शाम को ऑफिस से घर लौटा, तो देखा कि मेरी पत्नी जो रोज मेरी ऑफिस से आने की प्रतीक्षा करती थी,आज नहीं दिखी। दरवाजा भी खुला हुआ था,मैंने सोचा कि कहीं आस-पास गई होगी। मैंने अपने ऑफिस के कपड़े बदलने के लिए जैसे ही कमरे के भीतर प्रवेश किया तो … Read more

गली के कुत्ते…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* कुत्ता एक वफादार प्राणी होता है, यह इंसानों का अच्छा दोस्त होता है तथा इसे घर में पाला जाता है…यह बात हम सभी विद्यालय के समय निबंध में लिखते रहे हैं, पर जब वही कुत्ता आपके प्राणों के लिए संकट का कारण बन जाए तो बहुत बड़ी आफत हो जाती है। … Read more

मार्निंग वॉक

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* चिकित्सक ने मेरा हेल्थ चेक-अप करने के बाद कहा,अब तक तो ठीक है। आपको कोई भी शारीरिक समस्या नहीं है,पर मेरी बात मानें तो रोज सुबह मार्निंग वॉक शुरू कर दें। मैंने चिकित्सक को बताया कि डॉक्टर साहब सुबह की मार्निंग वॉक करने के लिए कौन-सा वक्त सही रहेगा ?चिकित्सक ने … Read more

मेरा विवाह

सुजीत जायसवाल ‘जीत’कौशाम्बी-प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)******************************************* हास्य… सुहानी फरवरी की रात,सुनाई पिता जी ने एक बात,तेरी काली करतूतों ने मुझे अब तक बहुत सताया है,इसीलिए तेरे विवाह का मेरे मन में विचार आया है। मैंने कहा-पिताजी,मैं बेचारा,मेरी कविता एक सहारा,मौज़-मस्ती के दिनों में मुझ पर कृपा फ़रमाइएमेरी शादी करा कर मुझे बलि का बक़रा ना बनाइए। सुनकर … Read more

घड़ियाली आँसुओं की वर्षा…

डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’रानी बाग(दिल्ली)****************************** वर्षा फिर आ गई। हर साल आती है। हज़ारों सालों से आती है। कुछ को हँसाती है,तो कुछ को रुलाती है। वक्त-वक्त की बात है। २ साल पहले तक देश कृषि प्रधान था। वर्षा आती थी,साथ में खुशी लाती थी। खेत सोना उगलते थे। बारिश के ४ महीने यानी चौमासा। … Read more

मैकाले की आत्मा

डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’रानी बाग(दिल्ली)****************************** ‘मैकाले’ तो आम आदमी की तरह वक्त आने पर नश्वर देह को त्यागकर इस संसार से कूच कर गए, परंतु आत्मा तो अजर-अमर है। शरीर से निकलने के बाद वह यमदूतों के साथ चल देती है। ऐसा प्रायः सामान्य आत्माएँ करती हैं। कुछ आत्माएँ असामान्य-असाधारण होती हैं। वे बँधे-बँधाए कायदे … Read more

पेट्रोल-डीजल में और आग लगनी चाहिए!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** आजकल मूल समस्या से भटकाने का एक सूत्र-बड़ी समस्या खड़ी कर दो। जैसे सरकार एक क्षेत्र में सफल हो गई है तो उससे मंत्रमुग्ध होकर दूसरी विफलता को सामने रख देना,जैसे-हाथी पाँव में सब पाँव समाँ जाते हैं,उसी प्रकार पेट्रोल-डीजल के दाम का कारण विश्वव्यापी समस्या का नाम बताकर दाम बढ़ाओ। सरकार यह … Read more

‘कोरोना’ से लड़ना है तो ऑनलाइन चलना है…

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) *************************************** ‘कोरोना’ ने लोगों को बता दिया है कि कोरोना से लड़ना है तो ऑनलाइन चलना है। बगैर ऑनलाइन चले कोरोना से दो-दो हाथ नहीं किए जा सकते। सामान खरीदना है,तो ऑनलाइन खरीदो। कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से भी लड़ना है तोऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर रहना होगा,क्योंकि सरकारी अस्पताल सहित … Read more

ऑक्सीजन की लूट है,लूट सके तो लूट

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) *************************************** पहले कहावत हुआ करती थी ‘धन-धरती की लूट है लूट सके तो लूट,अंतकाल पछताएगा,जब प्राण जाएंगे छूट’, लेकिन अब तो धन-धरती की लूट की बातें:पुरानी हो गई। अब तो जिसे देखो,ऑक्सीजन लूटने में लगा हुआ है। मप्र के एक अस्पताल में जैसे ही ऑक्सीजन पहुंची,मरीजों के परिजनों ने ऑक्सीजन से भरे … Read more

वे धन्यवाद नहीं ले रहे…

धर्मपाल महेंद्र जैनटोरंटो (कनाडा)**************************** मैं अपने समय के प्रतिष्ठित होते-होते बच गए व्यंग्यकार के साथ बैठा हूँ। उनका जेनेरिक नाम व्यंका है,ब्रांड नेम बाज़ार में आया नहीं, इसलिए अभी उनका नाम बताने में दम नहीं है। यह चर्चा मोबाइल पर रिकॉर्ड हो रही है। प्र.: व्यंका जी,कभी आपका नाम हो जाए और आप अमर हो … Read more