काश
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान) *********************************************************************************- काश! मेरी माँ होती आज जिन्दा, तो माँ की गोद में सोता ये बन्दाl माँ बचपन की तरह ही दुलारती, आँचल में बैठा के खाना खिलातीl भले ही मैं बहुत खूबसरत नहीं, मगर टीका लगाना भूलती नहींl काश! फिर मुझे लल्ला कह पुकारती, बालों में तेल लगा कंघे से … Read more