अहंकार
डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* दर्प कभी ना कीजिये, करता जीवन नाश। धारण करे विनम्रता, सदाचार का वास॥ अहंकार किसका करे, देह न अपनी होय। साथ नहीं कुछ जायगा, अंत अकेला होय॥ नश्वर देह आत्म अमर, मिथ्या है संसार। समझ लीजिये तत्त्व यह, जीवन का यह सार॥ अहं भाव को त्यागकर, होता निरहंकार। उसी मनुज … Read more