मोहब्बत

मदन मोहन शर्मा ‘सजल’  कोटा(राजस्थान) **************************************************************** वो कहते हैं- मोहब्बत ज़िन्दगी है, मोहब्बत बंदगी है मोहब्बत फूलों की सेज है, मोहब्बत अरमानों,ख्वाबों की परवाज़ है। मोहब्बत दीवानगी की पाठशाला है, मोहब्बत दो दिलों की प्रेमशाला है और भी न जाने क्या-क्या ? हकीकत तो यह है- मैंने मोहब्बत को, रात के अंधेरों में जार-जार सिसकते, रोते, … Read more

ऐसी भी मजबूरी कैसी

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** दो शब्द नेह के लिखे हैं लेकिन,शायद ही पढ़ पाओ तुम। साजन याद बहुत आती है,जैसे हो आ जाओ तुम॥ पाती में ही कब तक बोलो,शब्दों का संसार लिखूँ। संग बिताए थे पल हमने,क्या उनका आभार लिखूँ॥ टूट गए जो ख्वाब हे साजन,फिर से आन सजा जाओ। साजन याद बहुत … Read more

यादों का पिटारा

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* यादों का पिटारा पुराना वो पुरानी खाट,वो चाची की डांट। वो बात-बात पर पापा की, की बातें मोटी-मोटी। वो माँ के हाथों की चोटी, वो पापा की खरी-खोटी। वो दादी के हाथ का अचार, वो रिश्तों से महकी छोटी-सी खोली। वो अपनो के रिश्तों की महक, वो माँ,चाची की चूड़ियों … Read more

ईद मुबारक हो

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** रमजान के महीने में ईद मुबारक हो, घर-घर के आँगन में चन्द्रमा की चाँदनी हो, ईद मुबारक हो। रोजेदार को मिले दुआ बेशुमार हो, अल्लाह का प्यार हो रमजान के महीने में, ईद मुबारक हो। इफ्तार ही इफ्तार हो प्रेम का भंडार हो, मिलने का इंतजार हो रमजान के महीने में, … Read more

बच्चों की जाँ होती है

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* माँ तो केवल माँ होती है, वह बच्चों की जाँ होती है। जीवन में जब पीड़ा आये, अधरों पर केवल माँ होती है॥ माँ के अर्थ गूढ़ हैं कितने, रहते जिसमें अगणित सपने। हर दु:ख ओ व्याधि में भी, माँ को लगते सब जन अपने॥ दु:ख को भी सुख सम … Read more

बेरोजगार

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* बेरोजगार की अपनी अलग कहानी है, हाथ में डिग्री और आँख में पानी है। पदक से अब मैं सब्जी को तौलूंगी, प्रमाण-पत्र के संग रद्दी की दुकान खोलूंगी। हर दिन मेरा एक आँसू बहता है, जब नब्बे प्रतिशत के संग भी बटुआ खाली रहता है। हुनर भी नहीं रहा अब … Read more

जिजीविषा

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** जिजीविषा… जीने की उत्कंठ इच्छा, तब और प्रबल होती गयी जब जीवन में में बस निराशा ही निराशा थी। घोर अंधकार जहाँ कुछ दिखाई न दे, पर तब भी रोशनी की एक छोटी-सी किरण ने जीवन जीने की राह दिखाई, और फिर चल पड़े उस अंधकार को चीरकर जीवन के … Read more

पिता को नमन

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** पिता सदा पालक हैं। घर के संचालक हैं। सदा पितृ छाया में, जीवन बनाइये॥ पिता जीवन की आन। पिता ही घर की शान। पिता का नाम सदा, ऊँचा उठाइये॥ पिता से घर पोषित है। पिता से सुरक्षित है। पिता से ही ज्ञान पाय, जीवन बढ़ाइए॥ पिता से ही प्यार मिले। … Read more

जिंदगी का सफर

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मिला है मनुष्य जीवन, जीने का मौका हमें। तो सफर कर रहे हैं, जिंदगी को जीने का। तो क्यों ना इसे हम, आप साकार बनाएं। और इस जीवन को, कल्याण करने में लगाएं॥ धर्म के साथ जीने का, फल अच्छा मिलता है। मैं नहीं कहता ऐसा, इतिहास के पन्नों में मिलता … Read more

जीवन

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** जोड़े से फिर ना जुड़े , मत तोड़ो विश्वास। टूटे तो यह आप भी, तोड़े जीवन आस॥ मधुर बोल हँसते सुमन, कटु है सूखी काठ। मधुर बोल से नेह हो, कटु से लगती गाँठ॥ कल का जीना कुछ नहीं, कल का जीना खाक। जीना तो है आज का, जो है … Read more