नज़रिया

निर्मल कुमार शर्मा  ‘निर्मल’ जयपुर (राजस्थान) ***************************************************** नज़र इसकी,नज़र उसकी नजारा इक,नज़रिये दो, मुक़ाबिल तो,है होना ही वजह हो,चाहे या ना होl कर है प्रार्थना नित ये परस्तिश रोज करता वो, ये भगवन देखे मूरत में महज़ बुत कहता उसको वोl शिवाले में जो शिव इसका संगे असवद है उसका वो, मगर जिद का ये आलम … Read more

जल ही जीवन है

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** जल है भारी संकटग्रस्त, व्यर्थ पदार्थ वाहित मल औद्योगिक अपशिष्ट कीटनाशी पदार्थ, उवर्शकों के रासायनिक तत्व पट्रोलियम पदार्थ जिनसे जल जीवन की रक्षा होती है वे ही आज मृत्यु के कारण बन बैठे, देता टाइफायड,पीलिया,हैजा पेचिश,पेट के कीड़े,मलेरिया सब बीमारियों को न्यौता, गोमती का विषाक्त जल हो या … Read more

हाथ

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** इसी हाथ से काम को,देते हैं अंजाम। हाथ नहीं कुछ भी नहीं,नहीं होत है काम॥ इन हाथों से गढ़ दिए,सुन्दर देख जहान। ताकत फिर भी है अभी,नहीं बिके ईमान॥ मन्दिर-मस्जिद सब गढ़े,महल अटारी ताल। सड़क बाँध पुल सब बने,देखो हाथ कमाल॥ दुनिया के हर काम में,रहता मेरा हाथ। … Read more

माँ

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** घुट-घुटकर अब जी रही,बहा आँख का नीर, माँ तो निर्धन हो गई,बेटे हुए अमीर। बेटे की कोठी बनी,रखे किरायेदार, छप्पर में अब रह रही,बूढ़ी माँ लाचार। आज खड़ा वह पैर पर,आँके सबका दाम, चलना सीखा जो कभी,माँ की उँगली थाम। बच्चे घर से दूर तो,माँ को होती पीर, रूठे रह … Read more

जल ही जीवन है

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** जल जीवन का आधार है, जल कुदरत का श्रृंगार है। जल है तो हमारा कल है, जीवन में जरूरी जल है। बिन जल के नदिया बेकार, बहती नदियों में जल की धार। जल पर सबका अधिकार है, जल से सारा संसार है। जल आसमान से आता है, कभी सागर तक जाता … Read more

जिंदगी के रंग…

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** कैसे-कैसे रंग दिखाती है जिंदगी, सपने मिटाती और सजाती है जिंदगी। हमने तो कसके के बांध के रखा था जेब में, रेत-सी हाथों से फिसल जाती है जिंदगी। हमको तो बद्दुआओं की आदत-सी हो गई, तेरी दुआएं हमको सताती है जिंदगी। एक जख्म भरा भी नहीं कि दूसरा मिला, क्या … Read more

शब्द

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** शब्द मौन है, शब्द ही हँसाते हैं, शब्द ही रुलाते हैं शब्द ही हमें बोलना सिखाते हैं। शब्दों से ही हम किसी के दुश्मन बनते हैं, शब्दों से ही हम किसी के मन में बनते हैं। शब्द ही तो है जो हमे गर्त में ले जाते हैं, शब्द ही हैं जो … Read more

नेता बनाम किसान

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* चुनावों का मौसम चल रहा है,वोटों की गर्मा-गर्मी है, किसान का हाल देखो,उसकी नस-नस में तना-तनी हैl नेता वोट बटोरने में हैं व्यस्त,जा रहे हैं ये जनता के द्वार, किसान को लपेटा आग ने,तो कभी पड़ी ओलों की मारl दिन-रात कुर्सी के लिए,ये सफेदपोश नेता भाग रहे हैं, फसल की … Read more

आइना

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* चेहरे की मलिनता को दिखाता है , हाँ! बिल्कुल सच-सच, बोलता है आइना। खुशी में खुश होता है, दु:ख में दुखित होता है आइना। नहीं छिपती है, कोई इसके आगे सच्चाई, झूठ को झूठ सच को सच, बयां करता है आइना। नहीं सीखा है, कभी गिरगिट की तरह रंग बदलना, और … Read more

पागल

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जब आप प्यार से ‘पागल’ बोलते हो न, कसम से बता नहीं सकती मेरे ये यहसास..! ऐसा लगता है जैसे, सीधे दिल में उतर गये तेरे ये अल्फ़ाज़..! दिल को छू लेता है, तेरा पागल बोलना…। तेरे लिए, मेरा पागल बन जाना कोई तो है, जो प्यार से कुछ … Read more